खाद्य पदार्थों के दामों में उछाल की वजह से खुदरा महंगाई अनुमान से भी ऊपर निकल गई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई दिसंबर में 5.21 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह मुद्रास्फीति का 17 माह का उच्चतम स्तर है।

 

 

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने ये आंकड़े जारी किए। इसमें कहा गया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई पांच फीसदी के ऊपर पहुंच गई है। खाद्य पदार्थों, अंडे, सब्जियों के दामों में बढ़ोती के कारण दिसंबर में यह 5.21 फीसदी हो गई। जबकि नवंबर में महंगाई दर 4.88 फीसदी थी। दो साल पहले दिसंबर 2015 में महंगाई दर 3.41 फीसदी थी। 40 अर्थशास्त्रियों के समूह के अनुमान पर गुरुवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि महंगाई 5.1 फीसदी तक जा सकती है, लेकिन सीएसओ के आधिकारिक आंकड़ों से सामने आया कि यह चिंताजनक स्तर पर पहुंच गई है।

 

खाद्य उत्पादों की महंगाई चिंताजनक स्तर पर

सीएसओ के अनुसार, खाद्य पदार्थों के बास्केट की महंगाई दिसंबर में 4.96 फीसदी रही। जबकि नवंबर 2017 में यह 4.42 फीसदी रही थी। अंडे, सब्जियों, फलों के महंगे होने का असर इस पर देखा गया। हालांकि अनाज और दालों की महंगाई नरम रही।

 

 

 

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ईएमआई कम होने की उम्मीदों को झटका

रिजर्व बैंक मौजूदा वित्तीय वर्ष में महंगाई को चार प्रतिशत के आसपास नियंत्रित रखना चाहता है, लेकिन यह सामान्य स्तर को पार कर गई है। ऐसे में फरवरी में होने वाली मौद्रिक समीक्षा में ब्याज दर कटौती की संभावना लगभग खत्म हो गई है। ऐसे में कार, आवास ऋण की ईएमआई कम होने की उम्मीदों को झटका लगा है।

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