74 करोड़ का चेक तीन बार वापस होने पर घोटाला उजागर हुआ था

74 करोड़ का चेक तीन बार वापस होने पर घोटाला उजागर हुआ था

14th June 2018 0 By Deepak Kumar

जिला भू-अर्जन कार्यालय के 74 करोड़ रुपये का चेक बैंक द्वारा तीन बार वापस करने के बाद प्रशासन चौकन्ना हुआ। जांच हुई तो पता चला कि बैंक में रखा गया 175 करोड़ गायब हो चुका है। इसके बाद सृजन घोटाला का राज खुलता गया। जानकारी के अनुसार, जिला भू-अर्जन कार्यालय को 74 करोड़ रुपये बिहार सरकार को भेजना था। इसे लेकर विभाग द्वारा बैंक ऑफ बड़ौदा को 74 करोड़ रुपये का दो चेक भेजा गया। बैंक द्वारा कोई न कोई बहाना बनाकर चेक लौटाया गया। कभी कहा गया कि हस्ताक्षर का मिलान नहीं हो रहा है तो कभी इंडोरमेंट सही नहीं होने की बात कही गयी है। तीनों बार भू-अर्जन कार्यालय द्वारा पत्र भेजकर खाता बंद करने की चेतावनी दी गयी लेकिन कोई असर नहीं पड़ा। मार्च 2017 से जून तक यह सिलसिला चलता रहा। जून में जब बिहार सरकार से राशि की मांग की तो प्रशासन हरकत में आया। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैंक की टालमटोल नीति से प्रशासन को संदेह हुआ। भू-अर्जन पदाधिकारी ने इसकी सूचना डीएम को दी गयी। अधिकारी जब बैंक पहुंचकर खाता की जांच की तो होश उड़ा गया। खाता में 175 करोड़ की जगह करीब छह लाख रुपये जमा था। राशि की अवैध निकासी कर ली गयी थी। सूचना मिलने पर प्रशासनिक महकमे में खलबली बच गयी। जबकि बैंक द्वारा जो खाता विवरणी प्रशासन को भेजा जा रहा था वह जमा राशि को सही बता रहा था। डीएम के निर्देश पर जांच टीम ने जब मामले की जांच कि तो बड़ा खुलासा हुआ। इसके बाद से जांच का सिलसिला शुरू हो गया। जितनी जांच उतनी ही अवैध निकासी का मामला प्रकाश में आते जा रहा है। बताया जा रहा है कि अवैध निकासी की राशि काफी अधिक होगी। बताया जा रहा है कि सरकारी खाते से अवैध निकासी का मामला काफी दिनों से चल रहा था। अगर 74 करोड़ रुपये बिहार सरकार के खाते में ट्रांसफर हो जाता तो शायद घोटाला उजागर नहीं हो पाता।

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