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ED ने सीज किया लालू परिवार का मॉल, पटना में बना रहा था बिहार का BIGGEST MALL

बताया जा रहा है कि पटना में बन रहा यह मॉल बिहार का सबसे बड़ा मॉल था
पटना के दानापुर में बन रहे इस मॉल पर पर्यावरण मंत्रालय पहले ही रोक लगा चुका है. तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के नाम यह मॉल है.
पटना : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री तथा आरजीडी के मुखिया लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. लालू यादव चारा घोटाले में पहले से ही जेल की सजा काट रहे हैं. अब प्रवर्तन निदेशालय ने पटना में उनके परिवार के मॉल को सीज कर दिया है. आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव इस मॉल की जमीन को रेलवे के दो होटलों को लीज पर दिए जाने के एवज में लिया था.

पटना के दानापुर में बन रहे इस मॉल पर पर्यावरण मंत्रालय पहले ही रोक लगा चुका है. तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी के नाम यह मॉल है. करीब 115 कट्ठा (करीब 6 बीघा) जमीन पर 750 करोड़ की लागत बहुमंजिला मॉल बनाया जा रहा था.

आज ईडी द्वारा जब्त की गई जमीन की कीमत 44.75 करोड़ रुपये बताई जा रही है. आईआरसीटीसी होटल धनशोधन मामले में 44.75 करोड़ रुपए कीमत की 11 जमीनें जब्त की. ईडी ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद के परिवार से जुड़ी एक कंपनी के नाम पर इन जमीनों को कुर्क किया था.

हाल में धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले एक प्राधिकारी ने ईडी को जब्त संपत्तियां अपने कब्जे में लेने की इजाजत दी थी. पटना के दानापुर इलाके में करीब तीन एकड़ क्षेत्रफल में एक-दूसरे से सटी हुई इन जमीनों पर एक बड़ा नोटिस बोर्ड लगाया गया और कब्जे के दस्तावेजों को अधिसूचित किया गया. नोटिस बोर्ड पर दिल्ली जोनल ऑफिस-1 के सहायक निदेशक के दस्तखत हैं.

यह जमीनें डिलाइट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (अब लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी), जिसके प्रबंध साझेदार लालू की पत्नी राबड़ी देवी और साझेदारों के रूप में तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव एवं राजद के विधायक अबु दुजाना की कंपनी मेरीडियन कंस्ट्रक्शन इंडिया लिमिटेड के नाम पर हैं. आरोप है कि रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने रांची और पुरी में रेलवे के दो होटलों में लीज पर देने के एवज में यादव ने इस जमीन की रजिस्ट्री अपने परिवार के नाम कराई थी. इस मॉल के निर्माण में मिट्टी घोटाले का आरोप भी लालू परिवार पर लगा था.

सुशील मोदी ने खोली थी पोल
सुशील मोदी ने आरोप लगाया था कि बिहार सरकार में तत्कालीन जल संसाधन मंत्री ललन सिंह ने 2008 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप लगाया था कि रेलवे के रांची और पुरी के दो होटलों को होटल सुजाता के हर्ष कोचर को गलत तरीके से बेच दिया गया है.

इन दो होटलों के बदले हर्ष कोचर ने पटना में दो एकड़ जमीन डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को एक ही दिन में ट्रांसफर कर दी थी. इस कंपनी में तेजप्रताप यादव निदेशक हैं. उन्होंने कहा कि इसी जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण आरजेडी के सुरसंड के विधायक सैयद अबु दौजाना की मेरिडियन कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है.

मॉल में मिट्टी घोटाला
सुशील मोदी ने मॉल के निर्माण में मिट्टी घोटाले का भी आरोप लगाया था. उन्होंने मीडिया को बताया कि इस मॉल के दो भूतलों की मिट्टी को संजय गांधी जैविक उद्यान को 90 लाख में बेचा गया था. संजय गांधी जैविक उद्यान पर्यावरण एवं वन विभाग के अन्तर्गत आता है. उस समय वन विभाग के मंत्री लालू प्रसाद के बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव थे. मोदी ने बताया था कि इस मॉल की मिट्टी को बिकवाने के लिए सौन्दर्यीकरण के नाम पर अनावश्यक 90 लाख का बजट पगडंडी बनाने के नाम पर तैयार किया गया था और बिना किसी टेंडर के यह 90 लाख का काम रूपसपुर के विरेन्द्र यादव के एमएस एंटरप्राइजेज को सौंप दिया गया

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