J&K: सुरक्षाबलों की घेराबंदी के सामने आतंकियों को भगाने आए पत्‍थरबाजों के हौसले हुए पस्‍त

सुरक्षाबलों की घेराबंदी और हल्‍की सख्‍ती के सामने पत्‍थरबाजों हौसते पस्‍त पड़ने लगे. उन्‍हें लगने लगा कि अब मौके से निकलने में ही उनकी भलाई है. (प्रतीकात्‍मक फोटो)
सुरक्षाबलों की संयुक्‍त टीम को पता था कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की जानकारी मिलते ही पत्‍थरबाज सड़कों पर उतर आएंगे. लिहाजा, इन पत्‍थरबाजों को ध्‍यान में रखकर ऑपरेशन का पूरा खाका खींचा गया.
नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों के हमदर्द बने पत्‍थरबाजों को लेकर सुरक्षाबलों ने अपनी रणनीति बदल दी है. सुरक्षाबलों की इस बदली हुई सफल रणनीति का पहला नजारा मंगलवार को शोपियां में चल रहे मुठभेड़ के दौरान देखने को मिला. सुरक्षाबलों की बदली हुई रणनीति का असर था कि आतंकियों को भगाने के इरादे से पहुंचे पत्‍थरबाजों के हौसले कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से पस्‍त हो गए. जिसके बाद, सुरक्षाबलों पर किसी तरह से अपना असर न दिखा पाने का अफसोस लिए यह पत्‍थरबाज मौके से भाग खड़े हुए.

दरअसल, मंगलवार तड़के सर्च ऑपरेशन पर निकले सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि शोपियां इलाके में आने वाले एक मकान में तीन आतंकी छिपे हुए हैं. सूचना मिलते ही राष्‍ट्रीय राइफल्‍स, सीआरपीएफ और जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस की एसओजी टीम ऑपरेशन के लिए मौके पर पहुंच गई. यहां आने से पहले सुरक्षाबलों ने अपनी रणनीति को पूर्व के अनुभवों के आधार पर तैयार किया था. सुरक्षाबलों की संयुक्‍त टीम को पता था कि आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन की जानकारी मिलते ही पत्‍थरबाज सड़कों पर उतर आएंगे. लिहाजा, इन पत्‍थरबाजों को ध्‍यान में रखकर ऑपरेशन का पूरा खाका खींचा गया.

नई रणनीति के तहत सुरक्षाबलों को कई टीमों में बांट दिया गया. आतंकियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए शार्प शूटर और कमांडोज को पहली टीम में शामिल किया गया. इसके बाद, आतंकियों से मोर्चा लेने वाली टीम को सिक्‍योरिटी कवर देने के लिए दूसरी टीम तैयार की गई. तीसरी टीम को खास तौर पर पत्‍थरबाजों को रोकने के लिए लगाया गया. सुरक्षाबलों को अपने पूर्व के अनुभवों से पता था कि पत्‍थरबाज अक्‍सर पत्‍थरबाजी करते हुए गलियों में गुम हो जाते हैं. लिहाजा, ऑपरेशन शुरू करने से पहले इलाके की अच्‍छी तरह से रेकी की गई. सभी गलियों के छोर पर सुरक्षाबलों की टीम को तैनात किया गया.

इसके अलावा, मौके से काफी दूरी पर सुरक्षाबलों की कुछ टीमों को बैकअप और घेरे बंदी के लिए तैनात किया गया था. मंगलवार को जैसे ही पत्‍थरबाजों ने पत्‍थरबाजी कर सुरक्षाबलों के ऑपरेशन को रोकने का प्रयास किया, उसी दौरान सुरक्षाबलों ने इन पत्‍थरबाजों को सभी तरफ से घेरना शुरू कर दिया. आलम यह हो गया कि अब पत्‍थरबाजों के पास भागने और छिपने के लिए कोई जगह नहीं बची थी. वह जिधर जा रहे थे, उसी तरफ उनका सामना सुरक्षाबलों से हो रहा था. सुरक्षाबलों ने इस घेरेबंदी में सिर्फ एक रास्‍ते को पत्‍थरबाजों के लिए खाली छोड़ा था, जिससे पत्‍थरबाज पीछे ढकेला जा सके.

सुरक्षाबलों की घेराबंदी और हल्‍की सख्‍ती के सामने पत्‍थरबाजों हौसते पस्‍त पड़ने लगे. उन्‍हें लगने लगा कि अब मौके से निकलने में ही उनकी भलाई है. जिसके बाद, सभी पत्‍थरबाज मौके से भाग खड़े हुए. सुरक्षाबलों से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पत्‍थरबाजों के खिलाफ सुरक्षाबलों की मामूली कार्रवाई और भगदड़ के चलते कुछ पत्‍थरबाज चुटहिल हुए हैं. जिन्‍हें इलाके के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. सुरक्षाबलों का अनुमान है कि शोपियां की नाकामी को पत्‍थरबाज सबक की तरह लेंगे और भविष्‍य में पत्‍थरबाजी करने से पहले कई बार सोचेंगे.

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