Karnataka Effect : बिहार में राजद और गोवा में कांग्रेस करेगी सरकार बनाने का दावा

कर्नाटक के उदाहरण को देखते हुए गोवा में कांग्रेस और बिहार में राजद ने कहा कि वे राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे जहां दोनों विधानसभा में सबसे बड़े दल हैं.

गोवा में कांग्रेस विधायक दल के नेता चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि पार्टी शुक्रवार को सभी 16 विधायकों के हस्ताक्षरवाला एक औपचारिक पत्र राज्यपाल मृदुला सिन्हा को देकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. गोवा में पिछले साल मार्च में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. उसके पास बहुमत से चार सीटें कम थीं. राज्य में भाजपा को 14 सीट मिली थीं और उसने गोवा फॉरवर्ड पार्टी तथा एमजीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. इन दोनों दलों को तीन-तीन सीट मिली थीं. तीन निर्दलीय भी भाजपा के पाले में चले गये थे. कावलेकर ने कहा कि गोवा की राज्यपाल को कर्नाटक के अपने समकक्ष द्वारा स्थापित उदाहरण का अनुसरण करना चाहिए और 12 मार्च 2017 की अपनी गलती को सुधारते हुए सरकार गठन के लिए सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करना चाहिए.

 

इसी तरह, बिहार में राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे बड़ा दल होने के नाते वह गवर्नर के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद सर्वाधिक 80 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरा था. विधानसभा की मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कनार्टक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गठन को लोकतंत्र की हत्या और संविधान का उल्लंघन करार देते हुए शुक्रवार को पूरे प्रदेश में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है. तेजस्वी ने कहा, हम राज्यपाल महोदय से मांग करते हैं कि वो वर्तमान बिहार सरकार को भंग कर कर्नाटक की तर्ज पर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी राजद को सरकार बनाने का मौका दें.

 

तेजस्वी ने पिछले साल की याद कराते हुए कहा कि बिहार में राजद सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन उसे सरकार बनाने का मौका नहीं दिया गया और बहुमतवाली पार्टियों के गठबंधन को सरकार बनाने का न्योता दे दिया गया और कहा गया कि गठबंधन के सदस्यों का संख्या बल बहुमत के आंकड़े से ज्यादा है. मैं भाजपा के तर्क पर यह दावा ठोंक रहा हूं. तेजस्वी ने सवालिया लहजे में कहा कि भाजपा किस जनादेश के अपमान की बात कर रही है? सबसे पहले भाजपा ने नीतीश कुमार जी के साथ मिलकर बिहार में जनादेश का अपमान किया था. अब वो कर्नाटक में फिर यही कर रही है.

 

उल्लेखनीय है कर्नाटक में 104 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी भाजपा को राज्यपाल ने जद (एस)-कांग्रेस के गठबंधन के दावे के बावजूद सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. जद (एस)-कांग्रेस के गठबंधन ने अपने पास 117 विधायकों का समर्थन होने का उल्लेख करते हुए सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया था. कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर चुनाव हुआ था. इसके मद्देनजर बहुमत का आंकड़ा 112 सीटों का है.

 

गोवा विधानसभा में नेता विपक्ष कावलेकर ने कहा, सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कम से कम 21 विधायकों का समर्थन चाहिए. कावलेकर ने कहा कि एक बार राज्यपाल कांग्रेस के मुख्यमंत्री को शपथ दिला दें तो फिर वह सदन में बहुमत साबित करने में सफल होंगे. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी किस तरह बहुमत जुटायेगी. गोवा कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चोडानकर ने कहा कि राज्यपाल दो तरह के नियम नहीं रख सकते. उन्होंने कहा, ‘जब कर्नाटक के राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित किया है तो गोवा में भी वही नजीर दी जानी चाहिए.’ चोडानकर ने कहा कि कांग्रेस, गोवा की राज्यपाल को पिछले साल उनके द्वारा की गयी गलती को सुधारने का मौका दे रही है.’ कावलेकर ने कहा कि पिछले दो महीने से राज्य के मुख्यमंत्री यहां नहीं हैं जिसकी वजह से यहां कोई सरकार नहीं है. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस गोवा में स्थायी सरकार उपलब्ध कराने में सफल होगी.’

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