झारखंड की राजनीति तेजी से करवट ले रही है। मंगलवार देर शाम सत्ता पक्ष के विधायकों की सीएम हेमंत सोरेन के साथ बैठक हुई। इसमें ईडी की कार्रवाई के बाद पैदा होनेवाली परिस्थिति से निबटने को लेकर रणनीति बनी। सत्ता पक्ष के विधायकों से समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर लिये गये। इसमें फिलहाल किसी संभावित नेतृत्वकर्ता का नाम नहीं है। इस मौके पर विधायकों ने आनेवाले समय में निर्णय के लिए हेमंत सोरेन को अधिकृत कर दिया।

वहीं, विधायकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा : मुझे पूरा भरोसा है कि आप हमारे निर्णय के साथ हैं। हमारे ऊपर आपका विश्वास ही मेरी ताकत है। हर परिस्थिति के लिए हमें तैयार रहना है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं किसी का नाम प्रस्तावित करता हूं, तो आपका समर्थन होगा। उन्होंने कहा कि-  मुझे परेशान करने की लगातार कोशिश हो रही है। किसी भी परिस्थिति का हमें डट कर मुकाबला करना है। कांग्रेस की ओर से भी कहा गया कि पूरी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्णय के साथ है।

मालूम हो कि,  ईडी बुधवार (31 मार्च) को दिन के एक बजे मुख्यमंत्री आवास में हेमंत सोरेन से पूूछताछ करेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खोज-खबर का सस्पेंस लगभग ढाई दिनों बाद खत्म हो गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 27 जनवरी की रात 9:00 बजे दिल्ली के लिए विशेष विमान से रवाना हुए थे। 29 जनवरी की सुबह इडी ने मुख्यमंत्री के नयी दिल्ली में शांति निकेतन स्थित आवास सहित उनके तीन ठिकानों पर छापा मारा। मुख्यमंत्री नहीं मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ट्रेसलेस थे. हालांकि, झामुमो ने कहा था कि वह टच में हैं।