गर्मी बढ़ने के साथ लोगों को बिजली झटका देने लगी है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए पहले 180 करोड़ खर्च किए गए और अभी 250 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी तार टूट रहे हैं। सोमवार को हवा चलने पर मेन लाइन का तार टूटने से बरारी उपकेंद्र का ब्रेकडाउन होने से इसके चारों फीडर डेडिकेटर बरारी और इंडस्ट्रियल की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

मुख्य तथ्य

  • पहले डेढ़ सौ करोड़ हुआ खर्च, अभी 250 करोड़ हो रहा खर्च
  • लाइन में खराबी आने के संभावना पर घंटों बंद रखे गए आधा दर्जन फीडर

गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों को बिजली झटका देने लगी है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के लिए पहले 180 करोड़ खर्च किए गए और अभी 250 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इसके बाद भी तार टूट रहे हैं। सोमवार को हवा चलने पर मेन लाइन का तार टूटने से बरारी उपकेंद्र का ब्रेकडाउन होने से इसके चारों फीडर डेडिकेटर, बरारी और इंडस्ट्रियल की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

सूचना मिलने पर लाइनमैनों की टीम पहुंची और दो घंटे की पेट्रोलिंग करने पर भी फाल्ट पकड़ में नहीं आया। कई राउंड पेट्रोलिंग के बाद खराबी मिलने पर लाइन दुरुस्त की गई। खराबी को ठीक करने पर चार घंटे बाद बारी-बारी से फीडर को चालू कर बिजली आपूर्ति शुरू की गई। दोपहर 12:00 बजे से शाम चार बजे तक उक्त चारों फीडर से जुड़े इलाके बरारी, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, मीराचक, कछुआ मोड़, रानी तालाब सहित इस उपकेंद्र से जुड़े दर्जनों मुहल्ले के लोगों को गर्मी में परेशानी हुई।

यही नहीं, विभाग के अधिकारियों को खुद की व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। इसलिए हवा चलने की वजह से लाइन में फाल्ट न आ जाए इस आशंका पर विक्रमशिला, मिरजानहाट, नाथनगर, चंपानगर सहित शहर के आधा दर्जन फीडरों को करीब तीन घंटे के लिए बंद कर रखा गया।

वहीं, गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत भी बढ़ने लगी है। 60-70 मेगावाट तक हो रही बिजली की खपत। ठंड के मौसम की तुलना में गर्मी में 10-12 मेगावाट बिजली की खपत अधिक बढ़ गई है। मई और जून में प्रचंड गर्मी पड़ने पर 75 से 80 मेगावाट औसतन बिजली की खपत हो सकती है। भीषण गर्मी पड़ने से 15 से 20 मेगावाट अधिक बिजली की खपत भी बढ़ जाएगी।

करोड़ों रुपये खर्च के बाद बिजली सुधार का काम नहीं हो सका पूरा

उधर, करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी बिजली सुधार का काम पूरा नहीं हो सका। काम अधूरा रह गया। टाटा पावर प्रोजेक्ट को भागलपुर शहर की बिजली व्यवस्था सुधार का काम मिला था। 230 करोड़ की इस परियोजना में तार बदलने, ट्रांसफार्मर बदलने, छह नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण सहित बिजली आपूर्ति से संबंधित कार्यों को नवंबर 2020 तक पूरा करना था, लेकिन काम अधूरा रहने पर ठीका एजेंसी को अतिरिक्त समय देने पर भी 70 प्रतिशत भी कार्य नहीं हो सका।

अबतक कितने बदले गए तार

  • – 11 हजार वोल्ट के तार 110 किमी. क्षेत्रफल में बदले गए
  • – 33 हजार वोल्ट के तार 85 किमी. क्षेत्रफल में बदले गए
  • – लो टेंशन तार 215 किमी. क्षेत्रफल में बदले गए

आज तीन घंटे बंद रहेगी कई इलाकों की बिजली आपूर्ति

मंगलवार को भीखनपुर उपकेंद्र पूर्वाह्न 11:00 बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगा। इसके सभी तीन फीडर त्रिमूर्ति चौक, भोलानाथ इशाकचक व डिक्शन रोड से आपूर्ति ठप रहेगी। अभियंता के अनुसार मेंटेनेंस कार्य को लेकर भीखनपुर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों की बिजली बंद रहेगी।