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बिहार में पहली बार 3800 मेगावाट बिजली की हुई आपूर्ति.. 

ByAditya

Apr 3, 2017


सूबे में ट्रांसमिशन क्षमता में वृद्धि का परिणाम सामने आ रहा है। बीती रात बिहार में रिकार्ड बिजली की आपूर्ति हुई। सूबे में पहली बार 3800 मेगावाट से अधिक बिजली की उपलब्धता रही। इसके पहले बिहार में अधिकतम 3769 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई थी। रविवार को पहली बार सूबे को 3801 मेगावाट बिजली मिली। आगे भी बढ़ेगा आपूर्ति…

इसके कारण प्रदेश के लगभग पूरे हिस्से को भरपूर बिजली मिली। शहरी क्षेत्र को औसतन 22-24 घंटे जबकि ग्रामीण क्षेत्र को 12-14 घंटे बिजली मिली। बिजली आपूर्ति में बढ़ोतरी का असर सिंचाई पर भी पड़ा। रबी सिंचाई के लिए गांवों में बिजली दी गयी।

साल के अंत तक 5000 मेगावाट
बिजली कंपनी इस वर्ष के अंत तक बिहार में 5000 मेगावाट बिजली की उपलब्धता का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसी के अनुरुप ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत बनाने की योजना पर काम हो रहा है। इसी कार्ययोजना के तहत 30 अनुमंडलों में ग्रिड निर्माण किया जा रहा है। यह कार्य अगस्त 2017 तक पूरा हो जाएगा। इस योजना के बाद सूबे के सभी अनुमंडलों में ग्रिड हो जाएगा और बिजली का वितरण समरुप हो सकेगा। मौजूदा 30 अनुमंडलों में ग्रिडों के निर्माण के बाद सूबे की बिजली ट्रांसमिशन क्षमता में 1136 मेगावाट की वृद्धि हो जाएगी।

राज्य को इस वर्ष के अंत तक बरौनी बिजलीघर की एक पुरानी यूनिट के अलावा दोनों नयी यूनिट से बिजली मिलने लगेगी। इसके अलावा कांटी बिजलीघर की नयी यूनिट से भी बिहार को बिजली मिलेगी। नवीनगर बिजलीघर की एक यूनिट से भी बिहार को बिजली मिलेगी। इन सबसे बिजली की आपूर्ति के बाद सूबे में स्वाभाविक रुप से बिजली की उपलब्धता में बढ़ोतरी होगी। पावर होल्डिंग कंपनी इसी को ध्यान में रखकर अपनी ट्रांसमिशन क्षमता में वृद्धि कर रही है।