बच्ची को बेचना एक गंभीर अपराध है और यह नैतिकता और कानूनी दृष्टि से गलत है। ऐसा करना समाज में सुरक्षा और न्याय को खतरे में डाल सकता है। कृपया ऐसे कार्यों से बचें और बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारीपूर्ण रूप से व्यवहार करें।भागलपुर के विवि थाना क्षेत्र के परबत्ती के रहने वाले लंबू मंडल की एक साल की बेटी की चोरी कर आरोपी महिला ने बेच दिया था। चार दिन बाद बच्ची को बरामद कर लिया गया। आरोपी महिला ने बच्ची के परिजनों को बताया कि जगदीशपुर की रहने वाली एक शिक्षिका को उसने 80 हजार रुपये में बच्ची को बेचा था। गुरुवार देर शाम बच्ची को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। बच्ची के पिता और अन्य परिजनों ने बताया कि जब वे शिकायत लेकर कोतवाली थाना गए तो बताया गया कि घटना जीआरपी थाना क्षेत्र में हुई है। जब वे जीआरपी थाना पहुंचे तो वहां से फिर कोतवाली भेज दिया गया। उसके बाद परिजनों ने थाना जाना ही छोड़ दिया।

एक साल की बच्ची के पिता लंबू ने बताया कि तीन दिसंबर को उसकी पत्नी दिल्ली में रहने वाली अपनी बहन को छोड़ने स्टेशन गई थी। उसी दौरान आरोपी महिला मिली। उसने होटल में खाना खाने की बात कह उसकी पत्नी और बहन को ले गई। दोनों को होटल के अंदर भेज बच्ची को लेकर वहां से फरार हो गई। गुरुवार को आरोपी महिला का पति बच्ची के परिजनों के हाथ लग गया। आदमपुर में सरकारी क्वार्टर में अपने भाई के साथ रहने वाले उस शख्स को परबत्ती में दिन भर बंधक बनाकर रखा गया। उसने अपनी पत्नी से बात की और बच्चा वापस लाने को कहा।

बच्ची के पिता और परिजनों ने बताया कि तीन दिसंबर को जब बच्ची को साथ लेकर उसकी मां अपनी बहन को छोड़ने स्टेशन गई थी और आरोपी महिला मिली थी तो उसी दौरान उसके मोबाइल से दिल्ली वाली उसकी बहन ने परिवार के सदस्य को कॉल किया था। जब उक्त महिला बच्ची को लेकर फरार हो गई और उसका पता नहीं चल सका तो बच्ची की दिल्ली वाली मौसी ने आरोपी महिला का मोबाइल नंबर दिया क्योंकि उसी के नंबर से कॉल किया गया था तो वह नंबर उसके पास था।