भागलपुर जंक्शन की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की पहल तेज हो गई है। प्लेटफार्मों से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक 98 और सीसीटीवी कैमरे लगाने काम तेजी से चल रहा है।सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम रेलटेल नामक एजेंसी को मिला है। कैमरे लगाने का काम प्लेटफार्म संख छह से शुरू किया गया है। इस प्लेटफार्म पर एक ही सीसीटीवी कैमरे है।

मुख्य तथ्य

  • भागलपुर स्टेशन पर 98 नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू
  • भागलपुर जंक्शन पर सीसीटीवी कैमरे की संख्या बढ़कर 114 हो जाएगी

भागलपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की पहल तेज हो गई है। प्लेटफार्मों से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक 98 और सीसीटीवी कैमरे लगाने काम शुरू कर दिया गया है।सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम रेलटेल नामक एजेंसी को मिला है। कैमरे लगाने का काम प्लेटफार्म संख छह से शुरू किया गया है। इस प्लेटफार्म पर एक ही सीसीटीवी कैमरे है। प्लेटफार्म नंबर छ दक्षिणी दिशा में बने टिकट बुकिंग काउंटर तक सात और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

इसके अलावा अन्य प्लेटफार्मों सहि सर्कुलेटिंग एरिया में सीसीटीवी कैमरे लगेगा। यही नहीं, सभी फुटओवर ब्रिज (एफओबी) पर भी इसकी व्यवस्था की जाएगी। अभी किसी भी एफओबी पर तीसरी आंख की व्यवस्था नहीं है। चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख की व्यवस्था होने से चोरी, पाकेटमारी, छिनतई में संलिप्त बदमाशों की पहचान करने में रेल पुलिस को आसान होगा। संदेह पर पकड़ने के बजाय घटना में संलिप्त बदमाश पकड़ा जा सकेगा।

सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम डेढ़ माह में पूरा होगा। इधर, स्टेशन के मुख्य गेट के सामने को छोड़ सर्कुलेटिंग एरिया में कहीं भी सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था नहीं है। प्लेटफार्म संख्या एक, दो-तीन, चार-पांच व छह पर कुल 16 कैमरे लगे हुए हैं। 98 और लगने से सीसीटीवी की संख्या बढ़कर 114 हो जाएगी। संवेदनशील प्लेटफार्म माने जाने वाले छह नंबर प्लेटफार्म पर महज एक ही कैमरा है। जबकि उचक्के अक्सर इस प्लेटफार्म पर यात्रियों को निशाना बनाते हैं। भागलपुर स्टेशन पर चोर और पाकेटमार गिरोह सक्रिय है।

बदमाश यात्रियों को निशाना बनाते हैं। पिछले तीन दिनों में पीरपैंती बसंतपुर के मूल और वर्तमान में मुंदीचक में रहने वाले राजीव कुमार सिंह व राधारानी रोड के रहने वाले एक यात्री का स्टेशन पर पाकेटमारी कर ली गई। वहीं, मंगलवार को महिला यात्री के सामानों की चोरों ने चोरी कर ली। पीड़ित यात्रियों ने घटना की जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। 18 जुलाई 2022 की रात जीआरपी थाना के सामने कार पार्किंग क्षेत्र में सुथली लपेटे बमनुमा एक वस्तु मिला था।

बम निरोधक दस्ता के पहुंचने तक तीन घंटे तक यह वहीं पड़ा रहा था। निरोधक दस्ता की टीम की जांच के बाद नकली बम की पुष्टि होने तक रेल पुलिस से लेकर रेलवे कर्मियों के हलक सूखे हुए थे। जो भी हो बमनुमा वस्तु ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। यदि असली होता तो विस्फोट करने के लिए बम को किसी के इंतजार नहीं करना पड़ता है। इस घटना के बाद जीआरपी थाने के पास दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।