महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना की ओर से 17 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हो चुकी है।मगर सांगली, भिवंडी समेत कुछ सीटें पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।

लोकसभा चुनाव सिर पर हैं. इसके बाद भी महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी के अंदर कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा है. सांगली, भिवंडी और साउथ सेंट्रल मुंबई जैसी सीट पर अभी तक सहमति नहीं बन सकी है. इन सीटों पर शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना दोनों चुनाव लड़ना चाहती हैं. वहीं कांग्रेस भी इन सीटों पर हटने के मूड में नहीं है. इस पर कांग्रेस फ्रेंडली फाइट की बात कर रही है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना की ओर से सांगली सीट पर चंद्रहार पटल मैदान में हैं. शिवसेना के इस निर्णय पर कांग्रेस का कहना है कि बिना किसी चर्चा के उम्मीदवार के नाम की घोषणा हो गई. इसी तरह का हाल भिवंडी की सीट पर भी है. भिवंडी सीट के लिए शरद पवार की एनसीपी और कांग्रेस दोनों दम लगा रही हैं. इन सीटों को लेकर अब मामला कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुका है।

कांग्रेस ने दिया दोस्ताना चुनाव का प्रस्ताव

कांग्रेस के प्रवक्त अतुल लोंधे महाराष्ट्र की भिवंडी और सांगली सीट के मामले को पार्टी हाईकमान के पास भेजा है. उनका कहना है कि इन सीटों पर दोस्ताना चुनाव के प्रस्ताव को समाने रखा है. अब जो निर्णय होगा वो पार्टी हाईकमान पर निर्भर होगा. दूसरी ओर से कांग्रेस के प्रस्ताव पर उद्धव गुट शिवसेना के सांसद संजय राउत की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

राउत ने कांग्रेस के प्रस्ताव को ठुकराया 

राउत के अनुसार, इन सीटों पर अगर दोस्ताना लड़ाई होती है तो विपक्षी दलों को मौका मिलेगा. हालांकि, राउत ने इस दौरान नसीहत दे डाली और कहा कि वे एक मेच्योर पार्टी है, ऐसे में उसे इस तरह के निर्णय नहीं करना चाहिए. वहीं, कांग्रेस नेता संजय निरुपम का कहना है कि उनकी पार्टी को शिवसेना (यूबीटी) के दबाव में आने की जरूरत नहीं है।

शिवसेना यूबीटी ने 17 उम्मीदवारों की एक लिस्ट जारी की 

आपको बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में शिवसेना यूबीटी ने 17 उम्मीदवारों की सूची को जारी किया था. तब शिवसेना का कहना था कि वो राज्य की कुल 22 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली है. इनमें चार सीटें मुंबई की है. महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में इस तरह की चर्चा है कि  कि निरुपम खुद मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं. यहां से उन्हें 2019 में हार मिली थी।