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शहाबुद्दीन ने जेल के अंदर ही रची थी राजदेव रंजन की हत्या की साजिश, जानिए

ByAditya

May 27, 2017


सिवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड के सिलसिले में बाहुबली पूर्व सांसद व राजद नेता मो. शहाबुद्दीन को सीबीआइ ने अभियुक्‍त बना लिया है। सीबीआइ शहाबुद्दीन से पूछताछ करने जा रही है। इस हत्‍याकांड की साजिश सिवान जेल में रची गई थी। इसमें शहाबुद्दीन की भी संलिप्‍तता थी।

बताया जाता है कि हत्या कब और कैसे करनी है और अपराधी इस घटना को कैसे अंजाम देंगे, इसकी पूरी प्लानिंग जेल में हो चुकी थी। घटना को अंजाम देने के लिए सुपारी किलर का चयन करना बाकी था। इसके लिए शहाबुद्दीन के करीबी लड्डन मियां ने जेल से बाहर आने के बाद उनकी तलाश जारी रखी।

सीबीआइ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हत्या के कुछ दिनों पहले ही लड्डन मियां उर्फ अजहरुद्दीन बेग जेल से जमानत पर बाहर आया था। बाहर आने के बाद से ही वह लगातार इस घटना को अंजाम देने के लिए गुर्गों को तलाश रहा था। उसने इसके लिए सबसे पहले यूपी के अपराधियों से संपर्क किया, लेकिन वहां उसे सफलता नहीं मिली। फिर, सिवान के कुछ लोगों को चुना गया।
सूत्र ने यह भी बताया कि इस घटना को ऐसे लड़कों से अंजाम दिलवाना था, जो बिल्कुल ही नए हों। इसके बाद हत्या के आरोप में जेल में बंद सभी आरोपितों से एक-एक कर संपर्क किया गया। जेल के अंदर से ही बनी साजिश में यह भी जिक्र किया गया कि घटना को किस रूट पर अंजाम देना है। घटना को अंजाम देने के लिए स्टेशन-सिवान रोड को इसलिए चुना गया था, क्योंकि अक्सर कार्यालय से छूटने के बाद राजदेव रंजन अपने रिश्तेदार के घर आंदर ढाला की तरफ जाया करते थे।

सूत्र ने यह भी बताया कि इस कांड के चार्जशीट में सभी आरोपितों के खिलाफ सबूत हैं, जो कोर्ट में पेश होंगे। इस मामले में सीबीआइ ने जब मॉक ड्रील कराया था, तब घटना स्थल के पास से बम निरोधी दस्ते द्वारा मिट्टी के कुछ नमूनों को इकट्ठा किया गया था। उसमें कुछ सुराग मिले। सीबीआइ ने इस मामले में सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के कुछ सैंपल भी हासिल कर लिए हैं।

इधर, सीबीआइ ने शहाबुद्दीन के खिलाफ जो सबूत इकट्ठा किए हैं, उनमें राजदेव रंजन द्वारा पिछले कुछ वर्षों में लिखी गई खबरें भी शामिल हैं। इनकी वजह से लगातार शहाबुद्दीन को टारगेट किया जा रहा था।