बड़ी खबर सरायकेला से है जहां पुलिस ने ज्योति अग्रवाल हत्याकांड मामले में 72 घंटे के अंदर पति रवि अग्रवाल समेत 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. विगत शुक्रवार को चांडिल थाना क्षेत्र के एनएच-33 के किनारे जमशेदपुर के कारोबारी रवि अग्रवाल की पत्नी ज्योति अग्रवाल की अपराधियों ने हत्या कर दी थी।

बताया जा रहा है कि विगत शुक्रवार को चांडिल थाना अंतर्गत कांदरबेड़ा एवं वेव इंटरनेशनल होटल के बीच एनएच- 33 के किनारे जमशेदपुर के कारोबारी रवि अग्रवाल की पत्नी ज्योति अग्रवाल की अपराधियों ने उस वक्त हत्या कर दी थी जब साजिश के तहत रवि अग्रवाल अपने दोनों बच्चों एवं पत्नी के साथ पंजाब होटल में खाना खाकर वापस लौट रहे थे. पुलिस की गिरफ्त में आए तीन अन्य अपराध कर्मियों में पंकज कुमार साहनी,रोहित कुमार दुबे और मुकेश मिश्रा है. पुलिस ने इनके पास से एक लोडेड देसी कट्टा,एक जिंदा कारतूस,रवि अग्रवाल के पास से दो एंड्रॉयड स्मार्टफोन,रोहित कुमार दुबे के पास से एक एंड्रॉयड स्मार्टफोन मुकेश मिश्रा के पास से एक स्विफ्ट कार और दो एंड्रॉयड स्मार्टफोन और पंकज साहनी के पास से एक एंड्रॉयड फोन बरामद किया है।

मामले में एसपी मनीष टोप्पो ने बताया कि मृतका ज्योति अग्रवाल के पिता प्रेमचंद अग्रवाल ने लिखित आवेदन दिया था. इसमें उन्होंने अपने दामाद यानी मृतका के पति रवि अग्रवाल के विरुद्ध षड्यंत्र के तहत उनकी बेटी की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था. इसके बाद चांडिल एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित एसआईटी की टीम ने तकनीकी साक्ष्य के आधार पर अनुसंधान के क्रम में पाया कि मृतका के पति के साथ शादी के बाद से ही अनबन चल रहा था. आए दिन दोनों के बीच लड़ाई- झगड़ा होता था. इससे वह अपने पत्नी को सहन नहीं कर पा रहे थे. इसके बाद रवि अग्रवाल ने 16 लाख में मुकेश मिश्रा तथा उनके चार अन्य साथी को सुपारी देकर अपनी पत्नी को जान से मारने की योजना बनाया।

उन्होंने बताया कि योजना के अनुसार पूर्व में दो बार विफल हो गया. मगर 29 मार्च को निर्धारित योजना के अनुसार रवि अग्रवाल ने अपनी पत्नी तथा बच्चों के साथ बालिगुमा स्थित मिनी पंजाब होटल से खाना खाकर चांडिल थाना अंतर्गत कांदर बेड़ा एवं वेव इंटरनेशनल होटल के बीच एनएच 30 के किनारे उल्टी करने के बहाने अपनी कार खड़ी कर दिए. इसके तुरंत बाद मुकेश मिश्रा तीन अन्य साथी के साथ स्थल पर पहुंचा और ज्योति अग्रवाल को सुनियोजित तरीके से कनपट्टी पर बंदूक से गोली मारकर हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि आरोपी ने पेशगी के तौर पर अपराधियों को तीन लाख रुपए दिए थे. बाकी पैसे काम होने के बाद देने की बात कही थी. उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी चार लाख रुपए में सौदा हुआ था. गंगटोक ले जाकर हत्या करने का प्रयास भी किया था,मगर वहां भी असफल रहे थे. छापेमारी दल में चांडिल एसडीपीओ सुनील कुमार रजवार,चांडिल इंस्पेक्टर अजय कुमार,चांडिल थाना प्रभारी वरुण यादव चौका थाना प्रभारी बजरंग महतो,खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार,कपाली ओपी प्रभारी सोनू कुमार,इचागढ़ थाना प्रभारी विक्रमादित्य पांडे व अन्य शामिल थे।