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बिहार को मिला ‘पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का पुरस्कार’, संग्रहालय सम्मेलन में बिहार ने सबको पछाड़ा

ByLuv Kush

अगस्त 4, 2024
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पर्यटन, पुरातत्व और कला-संस्कृति के संरक्षण एवं विकास की दिशा में बिहार सरकार के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है. केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित युग युगीन भारत संग्रहालय पर तीन दिवसीय राज्य संग्रहालय सम्मेलन में बिहार को ‘पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का पुरस्कार’ मिला है। राज्य के कला, संस्कृति एवं युवा मामले विभाग के अनुसार, “केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में 1 अगस्त से 3 अगस्त, 2024 तक युग युगीन भारत संग्रहालय पर तीन दिवसीय राज्य संग्रहालय सम्मेलन का आयोजन किया।”

विभाग के अनुसार “सम्मेलन में सभी 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों की टीमों ने भाग लिया और अपने संग्रहालयों पर प्रस्तुतियां दीं। बिहार सरकार के संग्रहालय निदेशक राहुल कुमार ने पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का पुरस्कार पाने वाले राज्य की ओर से प्रस्तुति दी। कुमार ने बिहार सरकार की ओर से पुरस्कार प्राप्त किया।” सम्मेलन का उद्घाटन 1 अगस्त को केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया था। इसमें देश भर से 150 प्रतिभागी शामिल हुए थे।

गौरतलब है कि बिहार में संग्रहालय निर्माण और पुरातात्विक अवशेषों के संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने कई विशेष पहल की है. पटना में बेली रोड में निर्मित बिहार संग्रहालय की शुरुआत वर्ष 2015 में की गई. इस संग्रहालय की कल्पना बिहार राज्य के लिए एक इतिहास संग्रहालय के रूप में की गई थी. इसकी स्थापना का ध्येय इस क्षेत्र के हजारों वर्ष के इतिहास को सामने लाना तथा बिहार की समृद्ध विरासत एवं ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक आकर्षणों का पता लगाना था ताकि स्थानीय निवासियों और विश्व के चारों ओर से आये आगंतुकों के लिये यह संग्रहालय प्रेरक बन सके. बिहार संग्रहालय में प्रसिद्ध दीदारगंज यक्षी भी है जो ल्गभग 2300 वर्ष पुरानी है. प्राचीन युग से 1764 ( बक्सर का युद्ध) तक कलाकृतियों को बिहार संग्रहालय में रखा गया है. वहीं 1764 के बाद के अवयव पटना संग्रहालय में रखे जाते हैं.

इसी तरह बिहार में कई अन्य संग्रहालय भी बने हैं. इन संग्रहालयों में राज्य के पुरातन इतिहास की झलक मिलती है. नालंदा के खंडहरों को भी खास तौर पर ASI और राज्य सरकार द्वारा संरक्षित किया गया है. इसी तरह वैशाली, भागलपुर जैसे पुरातात्विक महत्व के क्षेत्रों में बिहार सरकार ने इस दिशा में खास पहल की है. अब इन्हीं का प्रतिफल है कि संग्रहालय सम्मेलन में बिहार को ‘पूर्वी क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति का पुरस्कार’ मिला है.


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