केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य ( MSP ) समेत अन्य मांग कर रहे किसान आज शंभू बॉर्डर से राजधानी दिल्ली के लिए कूच करेंगे।

केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य ( MSP ) समेत अन्य मांग कर रहे किसान आज शंभू बॉर्डर से राजधानी दिल्ली के लिए कूच करेंगे. किसान संगठनों ने यह फैसला केंद्र सरकार के साथ रविवार को हुई चौथे दौर की वार्ता विफल होने के बाद लिया. इससे पहले भी किसान नेताओं और सरकार के तीन मंत्रियों (पियूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय) की बीच चंडीगढ़ में तीन दौर के वार्ताओं में भी कोई सहमति नहीं बन पाई. हालांकि सरकार और किसान दोनों को ही चौथे दौर की बातचीत से काफी उम्मीदें थी, लेकिन एमएसपी और किसानों की पेंशन समेत कुछ मुद्दों पर बात अटक गई।

इस क्रम में आज किसानों का रेला हरियाणा-पंजाब बॉर्डर से दिल्ली के लिए कूच करेगा. इस दौरान किसानों के काफिले में 12 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर ट्रॉली और कई हजार की भीड़ शामिल रहेगी. दिल्ली कूच से पहले  किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि हमने सरकार से कहा है कि आप हमें मार सकते हैं लेकिन कृपया किसानों पर अत्याचार न करें. हम प्रधानमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वह आगे आएं और किसानों के लिए MSP गारंटी पर कानून की घोषणा करके इस विरोध को समाप्त करें… ऐसी सरकार को देश माफ नहीं करेगा… हरियाणा के गांवों में अर्धसैनिक बल तैनात हैं… हमने कौन सा अपराध किया है?… हमने आपको प्रधानमंत्री बनाया है. हमने कभी नहीं सोचा था कि ताकतें हम पर इस तरह जुल्म करेंगी… कृपया संविधान की रक्षा करें और हमें शांतिपूर्वक दिल्ली की ओर जाने दें, ये हमारा अधिकार है।”

वहीं, किसानों के प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि मैं किसान संगठनों से अपील करूंगा कि इसे हमें संवाद से समाधान की तरफ ले जाना है इसमें शांति और वार्ता लगातार जारी रखते हुए हमें आगे बढ़ना चाहिए. देश के लोग और हम सभी शांति चाहते हैं. हम सब मिलकर समाधान निकाले और ऐसे विषयों पर हम गंभीरता से विचार करे…हमारी कुछ प्रस्ताव पर बातचीत हुई लेकिन उस प्रस्ताव से वे लोग सहमत नहीं हुए. हमारी ये बातचीत और वार्ता जारी रहनी चाहिए..हम अच्छा करना चाहते हैं इसलिए इसका एक मात्र सुझाव संवाद का है मैं सभी से अपील करूंगा कि वो संयम बनाए रखें, वार्ता जारी रखें और समाधान निकाले।”