बिहार में जहरीली शराब से मौत के बाद सरकार की सफाई, बोले- शराबबंदी नहीं है इसका कारण

बिहार में शराबबंदी के बावजूद लगातार जहरीली शराब से हो रही मौतों के बाद सरकार की काफी फजीहत हुई है. नीतीश कुमार विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी पार्टियों के निशाने पर भी आ गये थे. अब इस पर सरकार की सफाई आई है. बिहार सरकार के मद्य निषेध मंत्री सुनील कुमार का कहना है कि राज्य में जहरीली शराब से मरने का कारण शराबबंदी नहीं है. आर्थिक रूप से पिछड़ापन ही मौत का कारण है.

मंत्री ने कहा कि आर्थिक पिछड़ेपन के कारन  कुछ लोग गलत धंधे में लग जाते हैं. गलत तरीके से शराब बनाने लगते हैं. सस्ता होने की वजह से लोग उसे खरीद लेते हैं. तब ऐसे हादसे होते हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हमेशा कहते रहते हैं कि गलत चीज पियेंगे तो जान से हाथ धोयेंगे.

बताते चलें कि 2016 से ड्राई स्टेट बिहार के कई जिलों में नकली शराब से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, राज्य सरकार अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने में नाकाम रही है. इसी महीने 15 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर नालंदा के छोटी पहाड़ी गांव में शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई है. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर बक्सर में भी जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हुई है.