बेकाबू ट्रक ने दो भाइयों को रौंदा, एक की मौत, दूसरा गंभीर, साढ़े चार घंटे सड़क जाम

एनएच-80 पर त्रिमुहान गांव के समीप बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे एक अनियंत्रित ट्रक ने दो सहोदर भाइयों को रौंद दिया। इस दुर्घटना में बड़े भाई की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छोटा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान आमापुर गांव निवासी जवाहर लाल यादव के पुत्र कुनकुन यादव (40 वर्ष) के रूप में हुई। वहीं छोटा भाई रमन यादव (35 वर्ष) जख्मी हो गया। दुर्घटना के बाद ट्रक के ड्राइवर और खलासी वाहन छोड़कर भाग गए। आसपास के लोगों ने जख्मी रमन को इलाज के लिए कहलगांव अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। इधर, कुनकुन यादव की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीण और परिजनों ने त्रिमुहान चौक पर एनएच और एकचारी-धनौरा सड़क को जाम कर दिया। वे वाहनों की गति पर लगाम लगाने और मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाने की मांग कर रहे थे। सूचना पर कहलगांव थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क जाम कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। दोपहर एक बजे एसडीओ सुजय कुमार सिंह और मुखिया नासरीन परवीन घटनास्थल पर पहुंचे। एसडीओ ने परिजनों को मुआवजा दिलाने और ट्रक चालक के विरूद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। तब साढ़े चार घंटे बाद जाम खत्म हुआ। इसे बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भिजवा दिया। मुखिया ने निजी कोष से पांच हजार रुपए मृतक के परिजनों को दिया।

जाम में फंसी दो एंबुलेंस, पुलिस ने निकलवाया

साढ़े चार घंटे तक एनएच और एकचारी-धनौरा सड़क जाम रहने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। आक्रोशित लोगों ने सड़क पर ट्रक और ट्रैक्टर को सड़क के बीचोबीच आड़ा-तिरछा खड़ा कर पूरी तरह से रोड को जाम कर दिया था। इस दौरान साहेबगंज और कहलगांव से मरीजों को लेकर भागलपुर जा रही दो एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों एंबुलेंस को किसी तरह निकलवाया। इधर, वाहनों के अंदर यात्री तेज धूप में परेशान रहे। छोटे-छोटे बच्चों का भूख-प्यास से बुरा हाल था। दोपहर एक बजे के बाद जाम हटने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

त्रिमुहान से पैदल घर लौट रहे थे दोनों भाई

मृतक कुनकुन यादव के पिता ने बताया कि बुधवार सुबह दोनों भाई किसी काम से त्रिमुहान गांव गए थे। वहां से दोनों पैदल घर लौट रहे थे। इसी बीच पेट्रोल पंप के पास ट्रक ने पीछे से दोनों को कुचल दिया। जिससे बड़े बेटी की मौत हो गई। छोटा बेटा भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। वहीं पत्नी सरोजनी देवी ने बताया कि पति त्रिमुहान गांव में एक छर्री डिपो में मुंशी का काम करते थे। कुनकुन के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। उसकी मौत के बाद पत्नी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

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