CWC की बैठक से पहले भारत राष्ट्र समिति ने हैदराबाद में लगाए पोस्टर, मजाक उड़ाते हुए लिखीं ये बातें

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की शनिवार से हैदराबाद में होने वाली अहम बैठक के बीच शहर में भ्रष्टाचार को लेकर पार्टी का मजाक उड़ाते पोस्टर सामने आए हैं। ये पोस्टर सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के समर्थकों द्वारा लगाए गए हैं। सीडब्ल्यूसी को ‘भ्रष्ट कार्य समिति’ बताने वाले एक पोस्टर में 24 कांग्रेस नेताओं की उन घोटालों की तस्वीरें हैं जिनमें वे कथित तौर पर शामिल थे। पोस्टर में लिखा है, ”घोटालेबाजों से सावधान रहें।” पोस्टरों में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित शीर्ष कांग्रेस नेताओं की तस्वीरें हैं। ये पोस्टर सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के समर्थकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगाए गए थे।

तेलंगाना नेता के विवादास्पद बयान पर उठे सवाल

अन्य पोस्टरों के माध्यम से, सत्तारूढ़ दल ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से अधूरे वादों और पार्टी के तेलंगाना नेता के विवादास्पद बयान पर सवाल उठाया। एक पोस्टर में लिखा है, ”मैडम गांधी, क्या आप अपने पीसीसी अध्यक्ष के इस बयान से सहमत हैं कि किसानों को खेती करने के लिए केवल 3 घंटे बिजली की आपूर्ति ही पर्याप्त है।”

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने कथित तौर पर कहा था कि किसानों को 24 घंटे बिजली की जरूरत नहीं है और तीन घंटे की आपूर्ति पर्याप्त होगी। एक अन्य पोस्टर में अनुसूचित जाति (एससी) घोषणा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा गया है।

”2004 से 2014 तक कांग्रेस सत्ता में थी और उसने एससी वर्गीकरण पर दलितों को बेवकूफ बनाया। अब फिर से घोषणा के नाम पर आप वही करना चाहते हैं?” बीआरएस ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए 4,000 रुपये मासिक पेंशन प्रदान करने के कांग्रेस के वादे पर भी सवाल उठाया है। एक पोस्टर में तेलंगाना में दी जा रही पेंशन की तुलना कांग्रेस शासित राज्यों द्वारा दी जाने वाली पेंशन से की गई है।

वृद्धावस्था पेंशन: कर्नाटक में कांग्रेस 400 रुपये, राजस्थान में कांग्रेस 1,000 रुपये, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस 500 रुपये। केसीआर की तेलंगाना में 2,016 रुपये’

एक अन्य पोस्टर में याद दिलाया गया है कि कांग्रेस सरकार के दौरान यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पलामुरु रंगारेड्डी परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने का वादा किया था।

पोस्टर में लिखा, ”वे अपना वादा निभाने में विफल रहे। सीएम केसीआर ने 16 सितंबर को पलामुरू रंगारेड्डी परियोजना का ट्रायल रन शुरू किया और पूरा किया।”