केंद्र सरकार ने बिहार के लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। बिहार में 18042 करोड़ की लागत से लगभग 282 किमी लम्बाई का पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे और 1447 करोड़ की लागत से एनएच-139 W अन्तर्गत लगभग 81 किमी लम्बाई के साहेबगंज-अरेराज-बेतिया पथांश के मार्गरेखन की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जिसके लिए बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितीन गडकरी का आभार व्यक्त किया है।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे वैशाली के मीरनगर से आरंभ होगा। वहां से यह समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा तथा मधेपुरा होते हुए एनएच-27 (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) पर पूर्णिया के चांद भट्ठी तक जाएगा। इस एलाइनमेंट के तहत 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, 11 आरओबी, 21 इंटरटेंज तथा 322 अंडर पास का निर्माण होगा। यह एक्सप्रेसवे 90 मीटर चौड़ाई में बनेगा। यह छह लेन का होगा। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के लिए भू-अर्जन का काम जल्द शुरू होगा। इसके बाद तीन साल के भीतर इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
एनएच-139 W के साहेबगंज-अरेराज एवं अरेराज-बेतिया 4-लेन पथ की लम्बाई क्रमश: 38.36 किमी एवं 43.10 किमी होगी। इन परियोजनाओं के निर्माण पर लगभग 1446.86 करोड़ एवं 170.273 करोड़ का खर्च होगा। परियोजनाओं के निर्माण हेतु पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण एवं मुजफ्फरपुर जिलों में 45 मी चैड़ाई में भू-अर्जन कार्य किया जाएगा। गंडक के पूर्वी किनारे पर इस पथ के निर्माण से बौद्ध एवं जैन तीर्थ तथा पर्यटन स्थलों तक सुगमता से पहुंच सकेंगे।
राज्य में इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से राज्य के पिछड़े क्षेत्र के समाजिक और अर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। राज्य के सुदूर सीमांचल से पटना पहुंचने में लगने वाले समय में काफी कमी होगी। राज्य सरकार के अनुरोध पर इस परियोजना अन्तर्गत समस्तीपुर, सहरसा एवं मधेपुरा जिला मुख्यालयों को जोड़ने हेतु स्पर का निर्माण किया जाएगा।