भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। इसरो ने PSLV-C56 को छह सह-यात्री उपग्रहों के साथ सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) सार, श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया। पीएसएलवी की यह 58वीं उड़ान है। ये पूरी तरह से कॉमर्शियल मिशन है, जिसे न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड संचालित कर रहा है। 360 किलो वजन वाले डीएस-सार उपग्रह को सिंगापुर सरकार की एजेंसी डीएसटीए और सिंगापुर की कंपनी एसटी इंजीनियरिंग के साथ विकसित किया गया है। इसमें इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा विकसित सिंथेटिक एपर्चर रडार पेलोड है, जो सभी मौसम में तस्वीरें लेने में सक्षम है।

इसरो ने क्या कहा?

इस अभियान पर इसरो ने कहा कि मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। PSLV-C56 सहित बाकी के सह यात्री उपग्रहों को उनकी इच्छित कक्षाओं में सटीक रूप से प्रक्षेपित किया गया है।

सुबह 6.30 बजे हुई लॉन्चिंग

इसरो ने ये लॉन्चिंग आज सुबह 6.30 बजे की। पीएसएलवी की यह उड़ान कुल मिलाकर 58वीं और कोर अलोन कॉन्फिगरेशन का उपयोग करते हुए 17वीं उड़ान है। रॉकेट के ऊपरी चरण को उसके छोटे कक्षीय जीवन को सुनिश्चित करने के लिए सभी उपग्रहों को इंजेक्ट करने के बाद निचली कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

इसरो के अनुसार, पीएसएलवी-सी56 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) में पहले लॉन्च पैड (एफएलपी) से लॉन्च किया गया।

डीएस-एसएआर उपग्रह डीएसटीए (सिंगापुर सरकार का प्रतिनिधित्व) और एसटी इंजीनियरिंग के बीच साझेदारी के तहत विकसित किया गया है। एक बार तैनात और चालू होने के बाद, इसका उपयोग सिंगापुर सरकार के भीतर विभिन्न एजेंसियों की उपग्रह इमेजरी आवश्यकताओं का समर्थन करने के लिए किया जाएगा।