अर्जुन प्रसाद जिले के डुमरिया प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले देवनन्दन महतो के पुत्र थे. शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव डुमरिया के भोक्ता टोला पहुंचा, जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों के अनुसार 16 मार्च को नाइजीरिया में अर्जुन प्रसाद की मौत हुई थी. अर्जुन पर परिवार की जिम्मेदारी थी जि वजह से वो तीन महीने पहले ही मजदूरी के लिए दूसरे देश नाइजीरिया गये थे.
स्टील प्लांट में ब्लास्ट में मजदूर की मौत: डुमरिया थाना क्षेत्र की रहने वाले अर्जुन प्रसाद इसी साल 16 जनवरी 2025 को नाइजीरिया गये थे. अच्छी नौकरी करने की चाहत लेकर वह नाइजीरिया के ओगुन शहर रह रहे थे. परिजनों के अनुसार अर्जुन नाइजीरिया के क्वांटम स्टील लिमिटेड में काम कर रहे थे. उनके पिता देवनंदन महतो ने बताया कि पिछले 16 मार्च की शाम 5:00 बजे फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ, जिससे अर्जुन की मौत हो गई.
ब्लास्ट में हुई दो मजदूरों की मौत: बताया जा रहा है कि इस विस्फोट में एक नाइजीरिया के मजदूर की भी मौत हो गई थी. स्थानीय लोगों के अनुसार भीषण विस्फोट में सात अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुए थे. घटना के बाद नाइजीरिया सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए फैक्ट्री को सील कर दिया था. इस मामले की वहां जांच भी चल रही है. अर्जुन प्रसाद के परिजनों के अनुसार नाइजीरिया पुलिस ने इस घटना में दो लोगों के मौत होने की पुष्टि की है.
परिजनों का सहारा था अर्जुन प्रसाद: गांव के ही अनुज गाड़ानी ने बताया कि नाइजीरिया पुलिस के प्रवक्ता ओमोलोला के अनुसार कंपनी के कर्मचारी जोसेफ अदवेल ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी थी. इसके बाद पुलिस ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू की थी. वहीं अर्जुन का शव गांव पहुंचते ही मातम पसर गया, स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि अर्जुन प्रसाद के परिवार को उचित मुआवजा और मदद दी जाए. वहीं पिता देवनंदन महतो ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है.
“अधिकारियों ने फैक्ट्री को सील भी कर दिया है. पूरे मामले की जांच चल रही है, आज ही अर्जुन का पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा है, अंतिम संस्कार गांव में ही होगा.”-अनुज गाड़ानी, स्थानीय
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