भोजपुर के आरा में शहर के नवादा थाना क्षेत्र के पावरगंज मोहल्ले से चिक्का–लिट्टी पार्टनरशिप में उपजे विवाद को लेकर एक युवक को बीते 18 मार्च की अहले सुबह स्कॉर्पियो से अगवा कर लिया गया। अपहरण के दौरान चलती गाड़ी में उसकी जमकर पिटाई की गई।
बदमाशों ने युवक के शरीर के अलग–अलग जगहों पर सिगरेट से भी जलाया गया और गैस के पाइप से उसके प्राइवेट पार्ट पर मारकर बुरी तरफ जख्मी कर दिया गया। चार दिनों तक अलग अलग जगहों पर लेकर जाकर उसके साथ पिटाई करने के बाद पुलिस के डर से उसे उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर सूर्य मंदिर पास छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद परिजन द्वारा उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया,जहां उसका इलाज कराया जा रहा है।
बदमाशों ने युवक के शरीर के अलग–अलग जगहों पर सिगरेट से भी जलाया गया और गैस के पाइप से उसके प्राइवेट पार्ट पर मारकर बुरी तरफ जख्मी कर दिया गया। चार दिनों तक अलग अलग जगहों पर लेकर जाकर उसके साथ पिटाई करने के बाद पुलिस के डर से उसे उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर सूर्य मंदिर पास छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद परिजन द्वारा उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया,जहां उसका इलाज कराया जा रहा है।
युवक की पहचान आयर थाना क्षेत्र के असुधन गांव निवासी विद्यानंद सिंह के 26 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार के रूप में हुई है। वह वर्तमान में नवादा थाना क्षेत्र के पावरगंज मोहल्ला निवासी शिव भवन सिंह अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई करता था एवं चिक्का लिट्टी का फ्रेंचाइजी लिए हुए था। सोनू कुमार ने बताया कि पटना जिला निवासी उसका दोस्त शुभम जो वर्तमान में टाउन थाना क्षेत्र के आनंद नगर मोहल्ले में रहता है। उसके साथ उसने 12 लाख रुपया लगाकर पार्टनरशिप में चिक्का लिट्टी फ्रेंचाइजी लिया था। जिसमें दिसंबर महीने से काफी प्रतिदिन काफी नुकसान हो रहा था।
जिसे लेकर उसने शुभम से कहा कि वह अब चिक्का लिट्टी दुकान में पार्टनर नहीं रह सकता, अकेले ही चलाओ। इसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था। विवाद के बाद इनके द्वारा कहा जाने लगा कि जो तुम्हारी बहन साढ़े तीन कट्ठा जमीन खरीदा है उसे बेचकर तुम मेरे घाटे का पैसा दो नहीं तो तुम्हे हम जीने नहीं देंगे। सोनू कुमार ने बताया कि इसी बीच उसका दोस्त शुभम 18 तारीख की सुबह पावरगंज उसके मामा के घर आया और उसके पड़ोसी विशाल का नाम लेते हुए दरवाजा खटखटाया। जब वह बाहर आया तो दरवाजे पर शुभम और सुमन शुक्ला खड़े थे। जिससे बाद वे दोनों उसे अपने साथ उसके घर से कुछ दूरी पर ले जाकर जबरन स्कोर्पियो गाड़ी में बैठा दिया और पावरगंज शिव मंदिर के पास से गाड़ी में ही शुभम और उसका बड़ा भाई पुनीत द्वारा उसको बाल पकड़कर पीटा जाने लगा और पीटने के दौरान बारी-बारी से दोनों भाई उसका वीडियो भी बनाने लगे।
उसके बाद वे लोग उसे जीरो माइल जगदीशपुर होते हुए नगरावं गांव ले गए और वहां से रोहित नामक लड़के को गाड़ी पर बिठाया। उसके बाद वे लोग उसे वहां से चतुर्भुजी बरांव गांव ले गए जहां कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। वहां पर ले जाकर उन लोगों के द्वारा उसकी जमकर पिटाई की गई, इस दौरान उसके गर्दन और दांतों से काटा गया। इसके बाद वे लोग उसे जगदीशपुर होते जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मसूढ़ी गांव स्थित कब्रिस्तान ले गए और वहां पर उन लोगों ने ड्रिंक(शराब) पिया। उसके बाद वे लोगों से मारते-पीटते हुए पटना के मनेर के सिताब दियारा ले गए। वहां ले जाकर इसकी लात-घुसो से पिटाई की। पिटाई के दौरान संजय द्वारा उसे सिगरेट से जलाया गया और गैस सिलेंडर के पाइप से उसके प्राइवेट पार्ट्स पर भी मारा गया। प्राइवेट पार्ट पर 70–80 बार से ज्यादा बेहरमी से मारा गया है कि उसे अच्छे से बैठा नहीं जा रहा है। उसके पीछे पाइप के गहरे निशान भी मौजूद है।
उन लोगों द्वारा उसे जान से मारकर व काटकर फेंकने की धमकी दी जाने लगी। जब परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो अपहरणकर्ता हरकत में आए। इस दौरान सभी लोग काटकर फेकने की बात बोल रहे थे, लेकिन पीड़ित युवक केस नहीं करने की गुहार के बाद पुलिस के डर से सभी उसे अधमरा अवस्था में उसे फेंककर फरार हो गए। वहीं दूसरी तरफ जख्मी सोनू कुमार ने अगवा कर संजय, शुभम, सुमन, रोहित सहित उसके साथ रहे अन्य लोगों पर मारपीट करने व सिगरेट से जलाकर जख्मी करने का आरोप लगाया है। बहरहाल पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है जबकि इस मामले में उदवंतनगर थाना क्षेत्र के भगवतीपुर गांव निवासी व जख्मी सोनू कुमार के मामा राजनंदन सिंह द्वारा नवादा थाना में थाना क्षेत्र के बहिरो निवासी पुनीत कुमार शुभम कुमार, सुमन कुमार के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
कहा गया है कि 5 दिन से उनके भांजे सोनू कुमार अपहरण हुआ है। जिसकी सूचना उन्होंने मोबाइल द्वारा नवादा थाना को दी गई। सूचना देने के कुछ देर बाद नवादा थाना द्वारा उन्हें अपने साथ ले जाया गया। जहां उनके द्वारा बताया गया कि 22 मार्च को अपहरणकर्ता द्वारा उन्हें फोन करके धमकी दी गई कि तुमने थाना को सूचना क्यों दिया। तुम्हें हम जान से मार देंगे और तुम्हारे लड़के को भी मार देंगे। इसके साथ ही धमकी के दौरान उनके साथ फोन पर गाली-गलौज किया जा रहा था।