दिल्ली में इस तरह बिजनेस कर कुछ ही दिनों में बन गई 25 करोड़ की मालकिन, अमेरिका से पढ़ाई कर किया स्टार्टअप.

आज डिजिटल इंडिया के दौर में बहुत कुछ बदलता हुआ दिख रहा है. इससे सबसे बड़ा बदलाव मार्केटिंग की दुनिया में आया है. जहां पहले लोग दुकानों से सामान खरीदा करते थे वहीं अब ज्यादातर मार्केटिंग ऑनलाइन के द्वारा हो रहा है. लेकिन इन सबके बावजूद बाजार की दुकानों का प्रचलन भी लगातार बढ़ता हुआ दिख रहा है. संभवी ने जब विदेश से पढ़ाई करके वापस इंडिया आई तब वह यहां के बदलते मार्केटिंग चलन को देखते हुए उनके दिमाग में जबरदस्त आईडिया आया. तथा वह अपने इस वीडियो को अप्लाई करने को सोची. संभावित आज भारत में सफल बिजनेसमैन के तौर पर जानी जाती है।

नोएडा के रहने वाले शंभवी ऑनलाइन मार्केटिंग के द्वारा आज करोड़ों रुपए के मालकिन बन गई हैं. इन्होंने साल 2015 में ऑनलाइन शॉपिंग शॉपमेट की शुरुआत की थी. संभवी वर्जीनिया विश्वविद्यालय से गणित और कॉमर्स में ग्रेजुएशन करने के बाद साल 2013 में भारत वापिस आइ. उन्होंने देखा कि ऑनलाइन मार्केटिंग के इस दौर में भी भारत में पारंपरिक दुकानें खूब चल रही है. यहीं से उनके मन में एक जबरदस्त आईडिया उत्पन्न हुआ. उन्होंने सोचा कि क्यों न एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत किया जाए जहां सामान की बुकिंग ऑनलाइन किया जा सके मगर उपभोक्ता अपने नजदीकी दुकान से ही उसे खरीदें।

काम के शुरुआती दौर मे संभवी को सबसे ज्यादा मुश्किलें दुकानदारों को जा जाकर समझाना था. जहां कुछ दुकानदार बातों को समझ रहे थे तो कुछ दुकानदार राजी नहीं हो पा रहे थे. शंभावी और उनकी टीम ने दुकानदारों के पास जा जाकर इसके फायदा को बताया और कहा कि ऑनलाइन के इस जमाने में दुकानों में ग्राहकों की संख्या काफी कम हो गई है. ऐसे में अगर आप इस तरह से बिजनेस करेंगे तो आपको भी फायदा होगा. ऐसे में कंपनी ऑर्डर लेकर आपके पास ग्राहक भेजेगी और आपको कमीशन के तौर पर कंपनी को कुछ देने होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार काफी कम समय में ही दिल्ली एनसीआर के करीब 700 दुकानदारों ने कंपनी के साथ जुड़ गए. इससे दुकानदारों को भी धोखाधड़ी से बचने तथा अपने बिजनेस को तेज करने में मदद मिली. संभवी के इस कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप, बाइक, स्‍कूटर, और डेस्कटॉप कंप्यूटर इत्यादि की डीलिंग होती है. सिर्फ डेढ़ साल में ही संभवी के एक करोड़ लागत से शुरू की गई इस कंपनी से 25 करोड़ रूपए का लाभ हुआ है।