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शुभानंद मुकेश को JDU में मिली बड़ी जिम्मेदारी, कहा- पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सच्चे लगन से कार्य करेंगे

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व बिहार विधानसभा अध्यक्ष रहे सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश को JDU ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें पार्टी का प्रदेश महासचिव बनाया गया है। महासचिव बनाए जाने पर सन्हौला के जदयू कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। भागलपुर जिले से प्रदेश संगठन में मात्र एक शुभानन्द मुकेश का चयन होने से कार्यकर्तागण गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।

शुभानंद मुकेश ने बताया कि संगठन को ज्यादा सशक्त और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जो दायित्व दिया है उसका शत-प्रतिशत निर्वाह करुंगा। पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सच्चे लगन से कार्य करुंगा। मुख्यमंत्री ने सत्रह सालों में बिहार में जो बदलाव लाये हैं, उसे जनमानस तक पहुंचने के लिए एक सच्चा सिपाही की तरह कार्य करुंगा। मुख्यमंत्री ने बिहार को आगे बढ़ाने के लिए साढ़े चार सौ से ज्यादा योजनाएं सड़क पर उतारी हैं, उसपर कार्य करुंगा और जो दायित्व मिला है, उसपर खरा उतरने के लिए हरसंभव प्रयास करुंगा।

वहीं कहलगांव विधानसभा अंतर्गत सन्हौला में जदयू कार्यकर्ता और नेता विनय सिंह, मुखिया प्रतिनिधि विजय मंडल, महियामा मुखिया मुन्ना मंडल, अमडीहा मुखिया मु. शौकत अंसारी, विश्वजीत उर्फ भानु यादव, राजकुमार मंडल आदि ने शुभानंद मुकेश को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। बता दें कि  शुभानंद मुकेश बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता सह बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह के पुत्र हैं, जिन्होंने सदानंद सिंह के निधन के पश्चात् जदयू पार्टी का दामन थाम लिया था। इस तरह वे काफी दिनों तक सुर्खियों में भी छाए रहे।

शुभानंद मुकेश बने प्रदेश महासचिव

प्रदेश महासचिव के पद पर विधान पार्षद रीना यादव, पूर्व विधायक वशिष्ठ सिंह, हेमनारायण साह, प्रदीप सिंह, शुभानंद मुकेश, धर्मेंद्र चंद्रवंशी, राबिन सिंह, मुर्तजा अली, रामनाथ रमण, नंदकिशोर चौधरी, सुनील कुमार, प्रो विजेंद्र नारायण यादव, जागेश्वर राय, कमलेश सिंह, अनिल सिंह, शांतनु सिंह, अशोक कुमार बादल, अरुण कुशवाहा, लोक प्रकाश सिंह, मनोज उपाध्याय, अमरेंद्र चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री रमेश ऋषिदेव, डॉ बीबी प्रभाकर और अक्षय झा के नाम हैं.

प्रदेश सचिव के पद पर अधिकतर युवा

इसी प्रकार प्रदेश सचिव के लिए प्रमोद पटेल, अब्दुल क्यूम, राजेंद्र सिंह जॉर्ज, कौशल कुशवाहा, नरेंद्र पटेल, जितेंद्र पटेल, नीलू पटेल, श्याम कुमार राय, राज कुमार गुप्ता, राजीव रंजन पटेल, ओम प्रकाश सिंह सेतु, विक्रम कुमार, सुशील उपाध्याय, अब्दुल बाकी, चंदन यादव, सत्य प्रकाश तिवारी, राणा रामकृष्णा, राजू गुप्ता, प्रभात रंजन, पवन मिश्रा, मुकेश विद्यार्थी, प्रह्लाद कुमार, नंदकिशोर कुशवाहा, मनीष यादव, विनोद राय और अखिलेश मेहता के नाम तय किये गये हैं.

सीएम नीतीश के MLA ने लगाया आरोप, बोले- ‘बिना विस्की के नहीं रह सकते विधायक अजीत शर्मा’

बिहार में लागू शराबबंदी कानून की सफलता एक ऐसा मुद्दा है, जो हमेशा विवादों के घेरे में रहता है. कानून के लागू होने के बावजूद राज्य के अलग-अलग जिलों में शराब की बरामदगी होती है. साथ ही जहरीली शराब के सेवन से लोगों की जान जाती है. ऐसे में विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष के नेता भी समय-समय पर कानून पर सवाल उठाते हुए बयानबाजी करते दिखते हैं.

कांग्रेस विधायक पर लगाया बड़ा आरोप

इसी क्रम में भागलपुर के गोपालपुर विधानसभा के जेडीयू विधायक गोपाल मंडल ने कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा पर बड़ा आरोप लगाया है. भागलपुर में बीते दिनों जहरीली शराब से हुई मौत मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भागलपुर के कांग्रेस विधायक अजीत शर्मा खुद बिना विस्की के एक दिन नहीं रह सकते. वे मतवाला मिजाज के हैं. बगैर शराब के रह नहीं सकते.

अजीत शर्मा को कोई दिक्कत नहीं

अजीत शर्मा द्वारा शराबबंदी कानून हटाए जाने की मांग पर गोपाल मंडल ने कहा कि कांग्रेस विधायक को तो किसी तरह की दिक्कत ही नहीं है. कांग्रेस नेता हैं. साथ ही इतनी संपत्ति है. वो तो बिना शराब के रहते ही नहीं हैं. दिक्कत केवल यही है कि दूसरों को नहीं पिला पा रहे हैं. इसलिए ही कानून हटाने की मांग कर रहे हैं. लेकिन सूबे में जब तक नीतीश कुमार की सरकार रहेगी, तब तक भट्ठियां नहीं खुलेंगी. ये तय है.”

मालूम हो कि होली के बाद से प्रदेश के भागलपुर जिले में छह से अधिक लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने संदिग्ध मौत मामले में जांच करते हुए जहरीली शराब से मौत की पुष्टि की है. साथ ही झारखंड से जहरीली शराब के सप्लाई का खुलासा किया है.

मुकेश सहनी ने BJP के खिलाफ खोला मोर्चा तो एमएलसी चुनाव में JDU को ‘फुल सपोर्ट’

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार में मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahani) ने यूपी के बाद बिहार में भी बीजेपी (BJP) के खिलाफ मोर्चा दिया है. कहा जा सकता है कि बिहार में एनडीए टूट के कगार पर है. रविवार को मुकेश सहनी की पार्टी ने विधान परिषद की सात सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं. खास बात यह है कि सभी बीजेपी कोटे की सीटें हैं. वीआईपी ने अब तक 22 प्रत्याशियों की सूची मुकेश सहनी ने जारी कर दी है.

इधर, मुकेश सहनी ने 15 सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों को समर्थन देने का भी एलान किया है. उसकी भी सूची जारी की गई है. इनमें जेडीयू कोटे की 11 सीटें शामिल हैं. इसके अलावा पशुपति कुमार पारस की एक सीट है. हालांकि बीजेपी कोटे की तीन सीटें औरंगाबाद, कटिहार और गोपालगंज को समर्थन देने की बात कही है.

आज सात सीट पर इन्हें मिला मौका
समस्तीपुर से आदर्श कुमार को टिकट दिया गया है. बेगूसराय एवं खगड़िया से जय जय राम सहनी, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल से चंदन कुमार को मौका दिया गया है. वहीं, सारण से बाल मुकुंद चौहान, रोहतास एवं कैमूर से सहनी ने गोविंद बिंद को टिकट दिया गया है.  पूर्णिया, अररिया एवं किशनगंज से श्यामा नन्द सिंह और दरभंगा से बैद्यनाथ सहनी को टिकट मिला है. इन सातों सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. 

सहनी ने किन्हें दिया समर्थन?
एमएलसी चुनाव के लिए सहनी की पार्टी ने 15 कैंडिडेट को समर्थन देने का एलान किया है. पटना से वाल्मीकि सिंह, नालंदा से रीना देवी उर्फ रीना यादव, गया, जहानाबाद एवं अरवल से मनोरमा देवी, नवादा से सलमान रागीव को समर्थन दिया है. भोजपुर एवं बक्सर से राधाचरण साह, पश्चिम चंपारण से राजेश राम, मुजफ्फरपुर से दिनेश प्रसाद सिंह को समर्थन देंगे. सीतामढ़ी एवं शिवहर से रेखा कुमारी, मुंगेर, जमुई, लखीसराय एवं शेखपुरा से संजय प्रसाद, भागलपुर एवं बांका से विजय कुमार सिंह का साथ देंगे. इसके अलावा मधुबनी से विनोद कुमार सिंह, औरंगाबाद से दिलीप कुमार सिंह, गोपालगंज से राजीव कुमार, कटिहार से अशोक अग्रवाल के साथ वैशाली से भूषण कुमार को भी समर्थन देंगे.

यूपी में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह नें कहा- बिहार में बीजेपी से हमारा गठबंधन परिस्थितिवश है

उत्तर प्रदेश में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने पहुंचे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने बीजेपी से गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने बीजेपी के साथ जेडीयू के गठबंधन को परिस्थितियों वाला गठबंधन करार दिया है। जेडीयू अध्यक्ष ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी के साथ जेडीयू का गठबंधन परिस्थितिवश है। ललन सिंह ने कहा है कि हमारा गठबंधन बिहार में किन हालातों में बना यह सबको मालूम है लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं कि बिहार से बाहर जेडीयू अपने बूते चुनाव में ना उतरे।

दरअसल जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने यह बातें चुनाव प्रचार के दौरान बलिया पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में कहीं। ललन सिंह बलिया में पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार करने पहुंचे थे। जेडीयू उत्तर प्रदेश में 28 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। यूपी में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं होने को लेकर जब ललन सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कह दिया कि बिहार में बीजेपी से हमारा गठबंधन परिस्थितिवश है।

जनता दल यूनाइटेड उत्तर प्रदेश में पहले से संगठन स्तर पर काम करता रहा है। साल 2017 से ही हम यूपी में प्रयासरत रहे हैं और 2022 में अब जेडीयू के पक्ष में नतीजे आएंगे। ललन सिंह ने यह भी दावा किया है कि 2027 तक के जेडीयू उत्तर प्रदेश में एक राजनीतिक ताकत के तौर पर उभर जाएगा।

इतना ही नहीं ललन सिंह ने यह भी कहा है कि मणिपुर में हमने अपने दम पर सीटें हासिल करके दिखाई हैं। आंध्र प्रदेश के निकाय चुनाव में जेडीयू और बीजेपी को बराबर सीटें हासिल हुईं। जेडीयू अध्यक्ष ने कहा कि हम दूसरे राज्यों में अपना विस्तार चाहते हैं और इसके लिए हमें कोई गठबंधन नहीं रोक सकता। ललन सिंह के इस बयान के बाद जब बिहार में आज से सियासी पारा चढ़ने की उम्मीद है क्योंकि बीजेपी के साथ गठबंधन को परिस्थितियों वाला गठबंधन बताया जाना बीजेपी के ही नेताओं को नागवार गुजर सकता है।

यूपी चुनाव : 15 फ़रवरी से UP में कैंप करेंगे बिहार से पहुंचे जेडीयू, भाजपा और माले के नेता

यूपी चुनाव में बिहार के नेताओं का जमावड़ा होने लगा है. पहचे चरण के चुनाव में पार्टियों के प्रकोष्ठ नेताओं की टीम भेजी गयी है. 15 फरवरी सभी दिग्गज नेताओं की टोली यूपी के विभिन्न इलाकों में पहुंचेगी.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जहां वर्चुअल चुनाव प्रचार की तैयारी है. वहीं, अन्य नेता फिजिकल मौजूद रहेंगे. बिहार के भाजपा नेताओं को पूर्वांचल की जिम्मेदारी दी गयी है.

यहां से भाजपा कोटे के मंत्रियों एवं विधायकों की टीम यूपी चुनाव प्रचार में पहुंचेगी, वाम दलों ने यहां करीब 57 निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

लालू प्रसाद के बेटे नें किया बड़ा दावा, बोले- RJD में शामिल होंगे CM नीतीश

आरजेडी प्रमुख लालू यादव (RJD Supremo Lalu Yadav) के बड़े बेटे और हसनपुर विधायक तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने गुरुवार को बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि आने वाले चार दिनों के अंदर सीएम नीतीश के मंत्री मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) आरजेडी में शामिल हो जाएंगे. यहीं नहीं, उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar), जेडीयू संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा  (Upendra Kushwaha) और हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के संबंध में भी ऐसा ही दावा किया है. पटना में पत्रकारों से मुखातिब हुए आरजेडी नेता ने उपेंद्र कुशवाहा को बड़ा ऑफर दिया है.

तेज प्रताप यादव ने कही ये बात 

उन्होंने कहा कि जेडीयू ने कुशवाहा की बात नहीं सुनी जाती तो वे आरजेडी ज्वाइन कर सकते हैं. हम उनका स्वागत करेंगे. वहीं, बिहार में इसी साल 24 सीटों पर होने वाले विधान परिषद चुनाव में एक भी सीट नहीं मिलने को लेकर एनडीए से नाराज चल रहे मुकेश सहनी के संबंध में कहा, ” सहनी हमारे छोटे भाई हैं. हमारी उनसे प्रतिदिन बात होती रहती है.”

चार दिनों के अंदर पार्टी में होंगे शामिल

तेज प्रताप यादव ने दावा किया कि चार दिन रुकिये, उपेंद्र कुशवाहा हों, जीतन राम मांझी हों या फिर मुकेश सहनी सभी नेता महागठबंधन में शामिल होंगे. वहीं, बजट को लेकर कुशवाहा की नाराजगी के संबंध में पूछे गए सवाल के संबंध में उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा अगर निराश हैं, तो फिर उनको जल्द आरजेडी ज्वाइन कर लेना चाहिए.

तेज प्रताप ने तो यहां तक कहा कि नीतीश कुमार भी जल्द महागठबंधन में शामिल हो जाएंगे. वहीं, गाय घाट स्थित महिला सुधार गृह मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं. यह सरकार सिर्फ दोषियों को बचाने में काम कर रही है.

बिहार : बीजेपी ने नीतीश सरकार को आत्मनिर्भर बनकर कुछ करने की दी नसीहत

केंद्रीय बजट (Budget 2022) पेश होने के बाद जारी विवाद के बीच बुधवार को बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जयसवाल (Sanjay Jaiswal) ने पीसी कर बजट से बिहार को होने वाले फायदे के बारे में बताया. वहीं, इस दौरान बीजेपी नेता ने नीतीश सरकार (Nitish Government) को आत्मनिर्भर बनकर कुछ करने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश के बाद सबसे अधिक शेयर बिहार का ही है. महाराष्ट्र और बंगाल में बिहार से ज्यादा आबादी है, लेकिन उन दोनों राज्यों से पांच प्रतिशत ज्यादा पैसे बिहार को मिलते हैं.

 

आत्मनिर्भर बनाना सरकार का पहला लक्ष्य

उन्होंने कहा, ” केंद्रीय सहायता के अलावा बिहार सरकार को भी अपना रेवेन्यू कलेक्ट करना पड़ेगा. यह नहीं चलेगा कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडू और केरल पैसे कमाए और दूसरे प्रदेश को दे. बिहार को आत्मनिर्भर बनाना सरकार का पहला लक्ष्य होना चाहिए. हमारा उद्देश्य हो कि हम औद्योगीकरण की दिशा में बढ़ें. मुझे पूरा विश्वास है कि बिहार का जो बजट होगा वह उद्योगों को बढ़ावा देने वाला बजट होगा. ”

 

वहीं, जब पत्रकारों ने उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की नाराजगी के संबंध में सवाल पूछा तो उन्होंने सवालों को टालते हुए कहा कि विधान परिषद के सदस्य क्या बोलते हैं, उसका जवाब हमारे विधान परिषद के सदस्य ही देंगे. इस बजट से हमारे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुश हैं और उन्होंने बजट की तारीफ भी की है. साथ ही केंद्र सरकार को बधाई दी है. ऐसे में कौन क्या बोलता है, उससे खास फर्क नहीं मिलता.

 

बीजेपी नेता ने की बजट की तारीफ

 

संजय जायसवाल ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि बजट में जो इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वो बहुत अच्छा है. अब बिहार का जो बजट पेश होगा, उसमें हम लोग ज्यादा से ज्यादा हिस्सेदारी लेकर बिहार बजट पेश करेंगे. इसके लिए हमारे वित्त मंत्री सभी विभागों से बात भी कर रहे हैं, ताकि हम लोग ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सकें. उन्होंने कहा कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बिहार को उद्योगों के क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है. हमने जो रोजगार के संबंध में वादा किया है, वो औद्योगीकरण से ही संभव है.

भागलपुर: NDA प्रत्याशी बिजय सिंह और जदयू नेता शुभानंद मुकेश ने विधान परिषद चुनाव को लेकर किया जनसंपर्क

आगामी बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर भागलपुर बांका के एनडीए प्रत्याशी बिजय सिंह ने कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के गोराडीह प्रखंड के जमसी गांव में मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में गोराडीह पंचायत के तमाम नए पंचायत जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

सभी जनप्रतिनिधियों से एनडीए प्रत्याशी बिजय सिंह ने अनुरोध किया की आगामी विधान परिषद चुनाव में उनका समर्थन करें और उन्होंने कहा कि वह जनता की सेवा में हमेशा तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि को जानने और मिलने का अवसर मिले जिनको वह मत करने जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा की लगभग 20 वर्षों से लगातार वह सरकारी पद पर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें भागलपुर बांका के जनता का सेवा करने का अवसर मिलता है तो हमेशा तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिन-जिन भी सरकारी पद पर हैं केवल ₹1 वेतन प्रति माह लेते हूं। उन्होंने कहा कि अभी भी वह 15 से 18 घंटे लगातार काम करते हैं।

इस अवसर पर कहलगांव विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं जदयू नेता इं.शुभानंद मुकेश भी मौजूद थे। उन्होंने भी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया की विधान परिषद चुनाव में एनडीए प्रत्याशी विजय सिंह का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्ष में माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जो किया है वह किसी से छिपा नहीं है। उनके नेतृत्व में जो बिहार आगे बढ़ रहा है उसी को बल मिलेगा अगर भागलपुर बांका से बिजय बाबू जीत कर जाते हैं। बिजय बाबू के विधान परिषद बनने पर यहां के जनप्रतिनिधि को सम्मान मिलने जा रहा है।

इस अवसर पर अशोक कुमार सिन्हा पूर्व विधायक प्रतिनिधि गोराडीह एवं पूर्व प्रमुख, उमाशंकर रजक मुखिया संघ के अध्यक्ष, मीकू सिंह मुखिया प्रतिनिधि जमसी, मिथिलेश सिंह, चंदन लाल, देवेंद्र भारती, छोटेलाल, आशुतोष महाल्दार, राजेंद्र मंडल, एवं तमाम जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

इस अवसर पर जनप्रतिनिधि ने कहा की इस बार गोराडीह प्रखंड के सभी पंचायत के जनप्रतिनिधि एक साथ मिलकर एक जगह मत करेंगे।

यूपी चुनाव में जेडीयू के स्टार प्रचारकों की सूची में नीतीश, आरसीपी का जुड़ा नाम

उत्तर प्रदेश में हो रहे विधानसभा चुनाव में जेडीयू के किसी उम्मीदवार के जीतने की संभावना कम से कम सियासी जानकारों को दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है. लेकिन यूपी में जेडीयू के स्टार प्रचारक कौन बनेंगे इस पर पार्टी के अंदर दिलचस्प घमासान जरूर छिड़ा हुआ है. पार्टी ने स्टार प्रचारकों की पहली सूची जारी की थी तो उसमें नीतीश कुमार औऱ आरसीपी सिंह का नाम शामिल नहीं किया गया था. उसके बाद फजीहत हुई तो नयी सूची जारी हुई है. स्टार प्रचारकों की सूची में नीतीश कुमार औऱ आरसीपी सिंह का नाम जोड़ा गया है.

दरअसल जेडीयू ने यूपी विधानसभा चुनाव के चौथे फेज के लिए पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची चुनाव आयोग को सौंपी है. इसमें नीतीश कुमार, आऱसीपी सिंह के साथ साथ ललन सिंह, केसी त्यागी औऱ उपेंद्र कुशवाहा समेत 15 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया गया है. इस सूची में रामनाथ ठाकुर, संजय झा, अशोक चौधरी, गुलाम रसूल बलियावी, जमा खान, रवींद्र प्रसाद सिंह के भी नाम शामिल हैं.

जेडीयू का खेल

जेडीयू ने इससे पहले यूपी में अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की थी तो उसमें नीतीश कुमार औऱ आरसीपी सिंह का नाम शामिल नहीं था. इससे पहला मैसेज तो ये गया कि नीतीश कुमार ने यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर पहले ही सरेंडर कर दिया. बाद में पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी की सफाई आय़ी थी कि नीतीश कुमार डिजिटल तरीके से चुनाव प्रचार करेंगे. यानि पटना से ही यूपी में जेडीयू उम्मीदवारों के लिए वोट मांगेगे.

लेकिन सबसे बड़ा खेल आरसीपी सिंह का नाम शामिल नहीं किये जाने पर हुआ था. यूपी चुनाव को लेकर जेडीयू का एक धड़ा पहले से ही आऱसीपी सिंह पर हमला बोल रहा था और उसके बाद उन्हें स्टार प्रचारक नहीं बनाया गया. इसके बाद भड़के आऱसीपी सिंह ने सीधे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को दायें-बायें नहीं करने की सलाह दे डाली थी. आऱसीपी सिंह ने कहा था कि यूपी में जो पार्टी स्टार प्रचारक बने हैं उन्हें कौन जानता है. आरसीपी सिंह की नाराजगी के बाद उसी दिन पार्टी ने आधिकारिक बयान जारी कर सफाई दी थी औऱ कहा था कि वे चुनाव प्रचार करने जायेंगे. अब चुनाव आय़ोग को सौंपी गयी सूची में आरसीपी सिंह का नाम शामिल किया गया है.

खान सर पर सियासी खेल, जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का समर्थन

बहुचर्चित खान सर के मामले में बिहार में सत्तारूढ़ जमात में दिलचस्प खेल हो रहा है. नीतीश कुमार के कंट्रोल में काम करने वाली पुलिस ने खान सर पर 14 धाराओं में मुकदमा कर दिया है. अब नीतीश कुमार की ही पार्टी जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि पुलिस को खान सर दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस लेना चाहिये।

खान सर को ललन सिंह का समर्थन

जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने खान सर के समर्थन में ट्विट किया है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा है। “पटना में खान कोचिंग सहित अन्य कई कोचिंग संस्थान, ऑनलाइन माध्यम से बिहार व देशभर के गरीब व होनहार युवाओं का भविष्य निर्माण करते हैं. रेलवे/पुलिस इनलोगों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को अविलंब वापस ले.”

ललन सिंह ने छात्रों से शांति बरतने की भी अपील की है. उन्होंने कहा है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और दूसरे राज्यों में छात्रों का उत्तेजक होना रेलवे की परीक्षा प्रक्रिया औऱ परिणाम में हुई गड़बड़ी के खिलाफ प्रतिक्रिया है. रेलवे भर्ती बोर्ड ने गड़बड़ियों को देखने के लिए जांच कमेटी बनायी है. वे उम्मीद करते हैं कि ये जांच कमेटी छात्रों के साथ न्याय करेगी.

पुलिस ने कहा था-खान सर के खिलाफ सबूत

हम आपको बता दें कि आज ही पटना के डीएम औऱ एसएसपी ने कहा था कि खान सर समेत पटना के 6 कोचिंग संचालकों के खिलाफ पुलिस को सबूत मिले हैं. पटना के एसएसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों ने ये दावा किया कि पुलिस ने सारे साक्ष्यों के आधार पर ही खान सर समेत 6 कोचिंग संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया है.

एसएसपी ने कहा कि हिंसा और उपद्रव के मामले में जो लोग पकड़े गये उनसे पुलिस ने पूछताछ की. पुलिस को पता चला कि जो भी प्रदर्शन औऱ हिंसा हो रही थी उसे डिजिटल माध्यम से कंट्रोल किया जा रहा था. यू ट्यूब चैनल के माध्यम से छात्रों को मोबलाइज किया जा रहा है. SSP ने कहा कि सबसे दुखदायी बात ये थी कि हिंसा के वाकये को यूट्यूब के जरिये लाइव दिखाया जा रहा था. ताकि दूसरे युवाओं को भी गलत रास्ते पर जाने के लिए प्रेरित किया जा सके.

पटना के एसएसपी ने कहा कि पुलिस ने कई यूट्यूब, फेसबुक औऱ ट्विटर अकाउंट की छानबीन की. उसमें पता चला कि ये 6 लोग जिन्हें अभियुक्त बनाया है वे लोग छात्रों को उकसा रहे थे. उनके यूट्यूब चैनलों का पुलिस ने छानबीन किया है तभी एफआईआर दर्ज की गयी है. हालांकि पुलिस ने ये भी कहा है कि फिलहाल खान सर समेत दूसरे कोचिंग संचालकों की गिरफ्तारी नहीं होगी. उन्हें खुद को निर्दोष साबित करने का मौका दिया जायेगा.

भाजपा नें जदयू को दी नसीहत’, कहा- विशेष राज्य का दर्जा चाहिए तो करें ये काम, हम भी देंगे साथ

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर एक बार एनडीए घटक दल बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) के नेता आमने-सामने आ गए हैं. जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह द्वारा खुले तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग करने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल (Sanjay Jaiswal) ने उन्हें नसीहत दी है. एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा, ” बिहार को केंद्र से जितना ज्यादा लाभ मिले, उतनी अच्छी बात है. विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह को उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करनी चाहिए, जिन्होंने ये मांग की है.”

ललन सिंह को करना चाहिए ये काम

संजय जायसवाल ने कहा, ” झारखंड, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी विशेष राज्य के दर्जे की मांग कर रहे हैं. ऐसे में ललन सिंह उनसे मुलाकात करें. अगर वे हमें भी साथ लेकर जाना चाहते हैं तो हम भी उनके साथ चलेंगे. वे अगर बीजेपी नेताओं को भी साथ लेकर जाना चाहते हैं तो कहें. हम भी उनके साथ खुशी से चलेंगे.”

ललन सिंह ने कही थी ये बात

 

गौरतलब है कि प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जेडीयू (JDU) ने फिर एक बार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाई है. पार्टी ने इस बाबत एक गाना भी जारी किया है, जिसमें केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) से बिहार पर ध्यान देने की गुहार लगाई जा रही है. साथ ही राज्य को विशेष दर्जा भी देने को कहा गया है. वहीं, इस गाने को ट्वीट कर जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह (Lalan Singh) ने अपनी बातें रखीं हैं. उन्होंने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि विशेष राज्य का दर्जा बिहार वासियों का अधिकार है. हम कोई भीख नहीं मांग रहे हैं.

 

ललन सिंह ने ट्वीट कर कही ये बात

 

जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा, ” केंद्र सरकार से बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग बिहारवासी कोई भीख या कर्ज में नहीं मांग रहे हैं, बल्कि अपना हक मांग रहे हैं. बिहारवासियों के हक की आवाज हम लोग सड़क से सदन तक उठाते रहेंगे. बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिलने से विकासोन्मुख योजनाओं में मिलेगी वित्तीय सहायता तभी राज्य राष्ट्रीय औसत के विकास दर को छू पाएगा. बिहार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में तीव्रता से आगे बढ़ा है. अब उनके इसी मांग पर बीजेपी नेता ने उन्हें नसीहत दी है.

बिहार विधान परिषद चुनाव : इन दो सीटों पर फंसा है पेंच, अब भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व ही JDU से करेगा बात

विधान परिषद चुनाव को लेकर बिहार एनडीए के अंदर रस्साकशी दिलचस्प दौर में जा पहुंची है. शनिवार को भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी ने इस फैसले पर मुहर लगा दी कि उनकी पार्टी 13 सीटिंग सीटों पर चुनाव लड़ेगी. स्थानीय निकाय कोटे से होने वाली इन सीटों पर बीजेपी पहले से ही अपना दावा करते रही है. बाकी बची 11 सीटों पर उसने जेडीयू के चुनाव लड़ने की पेशकश भी कर डाली है लेकिन परिषद चुनाव में सीट शेयरिंग का असल पेंच 2 सीटों को लेकर फंसा हुआ है.

बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों की माने तो मधुबनी और दरभंगा सीट को लेकर बीजेपी और जेडीयू के बीच सहमति नहीं बन पा रही है. यही वजह है कि जेडीयू के नेता 50-50 के फार्मूले की बात कर रहे हैं जबकि बीजेपी परिषद चुनावों में अपनी कोई भी सीटिंग सीटें छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. मधुबनी सीट फिलहाल बीजेपी के पास है और इस सीट पर जेडीयू की तरफ से भी दावा किया जा रहा है. दरअसल, जेडीयू खेमे में ऐसे चेहरे मौजूद हैं जो इस सीट से दावेदार हैं जबकि दूसरी तरफ बीजेपी का सीधा कहना है कि वह अपनी सीटिंग सीट नहीं छोड़ेगी.

उधर, दरभंगा सीट को लेकर भी जिच बरकरार है. दरभंगा सीट से जीत हासिल करने वाले सुनील सिंह का निधन हो चुका है लेकिन बीजेपी इस सीट पर एक नया उम्मीदवार देना चाहती है. बताया जा रहा है कि इसमें कैंडिडेट को पार्टी के कुछ केंद्रीय नेताओं ने कमिटमेंट तक कर रखा है जिसकी वजह से दावेदारी की जा रही है. जबकि इस उम्मीदवार को लेकर ही जेडीयू की तरफ से खासा विरोध है. दरअसल, बीजेपी जैसे चेहरे को यहां उम्मीदवार बनाना चाहती है वह कभी जेडीयू में हुआ करते थे. इसी वजह से पेच फंसा हुआ है.

हालांकि बीजेपी कोर कमेटी की बैठक में यह बात साफ हो गई है कि 3 सीटें ऐसी हैं जहां उनकी तरफ से पुराने चेहरे चुनावी मैदान में नहीं होंगे. औरंगाबाद से चुनाव लड़ने वाले राजन सिंह ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. जबकि समस्तीपुर और दरभंगा में भी पार्टी की तरफ से नए चेहरे होंगे. कोर कमेटी की बैठक में 13-11 के फार्मूले पर सहमति बनाई गई और इस यह तय कर दिया गया कि अब जेडीयू से आगे की बातचीत बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा.

NDA में घमासान के बीच आज बीजेपी कोर कमेटी की हुई बैठक

जनता दल यूनाइटेड और भाजपा के बीच मचे घमासान के बाद पटना में आज बीजेपी कोर कमेटी की बैठक शुरू हो गई है. बैठक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के नेतृत्व में हो रही है. बैठक में तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी, सम्राट चौधरी, नंद किशोर यादव और भजपा संगठन के महामंत्री भीखुभाई भी मौजूद हैं.

बैठक में बिहार विधानपरिषद चुनाव समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी. मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक के बाद चुनाव कमेटी की बैठक बुलायी जाएगी. केंद्रीय नेतृत्व से मुहर लगने के बाद पार्टी अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा करेगी. माना जा रहा है कि आज हो रही कोर कमेटी की बैठक में भाजपा कोटे की सीटों को लेकर प्रत्याशियों के नामों पर मंथन होगा.

बता दें कि स्थानीय निकाय कोटे से बिहार विधान परिषद की जिन 24 सीटों पर चुनाव होना है उनमें भारतीय जनता पार्टी अपने कब्जे वाली 13 सीटों पर उम्मीदवार देगी. बीजेपी के प्रदेश के नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात के बाद इस बात की जानकारी दी है. राज्य के उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल के नेतृत्व में बिहार बीजेपी के नेताओं ने जेपी नड्डा से मुलाकात की थी.

शुक्रवार की देर शाम हुई इस मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उनकी पार्टी 13 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है और एक भी सीट किसी दूसरे के लिए छोड़ने का सवाल पैदा नहीं होता. हालांकि बाकी बची 11 सीटों पर जेडीयू और अन्य घटक दलों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व फैसला करेगा. उधर, उत्तर प्रदेश में बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन नहीं होने पर संजय जायसवाल ने कहा है कि इससे बिहार एनडीए में कोई फर्क नहीं पड़ेगा.

JDU में खेला : अब तक इन 26 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का नाम नहीं बता पा रही जदयू

भारतीय जनता पार्टी से ना उम्मीद और आरसीपी सिंह को जवाबदेह ठहराने के बाद ललन सिंह ने भले ही जनता दल यूनाइटेड की तरफ से उन 26 नामों की घोषणा कर दी हो जिन विधानसभा सीटों पर जेडीयू को चुनाव लड़ना है लेकिन अब तक जेडीयू इन 26 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का नाम नहीं बता पा रही है.

दिल्ली में बड़े तामझाम के साथ जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह जब उत्तर प्रदेश से विधानसभा चुनाव के लिए लिस्ट लेकर मीडिया के सामने बैठे तो यह उम्मीद जताई जा रही थी कि जेडीयू अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. जेडीयू केवल उन 26 विधानसभा सीटों के नाम की सूची जारी कर पाया जहां पार्टी उम्मीदवार उतारने जा रही है.

मीडिया ने यह सवाल भी किया कि पार्टी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट क्यों नहीं जारी कर रही तो ललन सिंह केवल यह बताते हैं कि हर सीट पर दो से तीन दावेदार हैं और स्थानीय प्रदेश नेतृत्व इस मसले पर जल्द ही फैसला कर लेगा. जेडीयू ने जो लिस्ट जारी जारी की है उसमें विधानसभा क्षेत्रों की संख्या और नाम दिख रहा है. उसमें उम्मीदवारों का नाम नहीं है.

दरअसल, ललन सिंह जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरने की बाबत मीडिया से जानकारी साझा कर रहे थे उस वक्त उन्होंने आरसीपी सिंह के नाम की चर्चा कर यह बताना नहीं भूले कि आरसीपी सिंह बराबर भरोसा देते रहे कि बीजेपी के साथ गठबंधन हो जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

जाहिर है यूपी चुनाव में बीजेपी से गठबंधन करने में असफलता के लिए ललन सिंह आरसीपी सिंह पर ठीकरा फोड़ रहे थे. लेकिन तमाम कवायद के बावजूद जेडीयू आज भी अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी नहीं कर पाई. ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि अगर आरसीपी सिंह की वजह से यूपी में जेडीयू नेतृत्व को देरी हुई तो जेडीयू आज अपने उम्मीदवारों की लिस्ट क्यों नहीं जारी कर पाया.

जदयू-राजद के बीच पक रही खिचड़ी, क्या लालू—नीतीश फिर से करेंगे दोस्ती

विशेष राज्य के दर्जे के साथ जातीय जनगणना ( Bihar Politics On Caste Census ) के मुद्दे पर बिहार में लंबे समय से सियासत होता रहा है और आज फिर यह मुद्दा चर्चा में है. दरअसल, जगदानंद सिंह ने नीतीश कुमार ( CM Nitish Kumar ) को फैसला लेने के लिए ऑफर दिया है और कहा है कि हम आपके साथ हैं.

जगदानंद सिंह के ऑफर पर जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ( Upendra Kushwaha ) ने कहा है कि आरजेडी ने कोई नई बात नहीं की है. पहले भी उनका दोनों मुद्दे पर समर्थन है. ऐसे में फिर से समर्थन देने के लिए उनको धन्यवाद लेकिन बिहार में कोई खेला होने वाला नहीं है. बीजेपी से भी उम्मीद है कि समर्थन उनका मिलेगा.

जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा जगदानंद सिंह ने जो समर्थन देने की बात कही है तो आरजेडी का यह तो पुराना स्टैंड है, कुछ भी नया नहीं है. आरजेडी के साथ सभी दलों ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में दोनों मुद्दे पर समर्थन अपना जताया है और जातीय जनगणना को लेकर तो प्रधानमंत्री से भी शिष्टमंडल मिला है. आरजेडी फिर से समर्थन देने की बात कही है तो इसके लिए उन्हें धन्यवाद है.

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा है कि केंद्र नहीं कराएगी तो बिहार सरकार जातीय जनगणना कराएगी और उसके लिए बातचीत चल रहा है. आरजेडी के नेता खरमास के बाद खेला होने की बात कर रहे हैं, इस सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है. कोई खेला होने वाला नहीं है और जगदानंद सिंह ने तो ऐसा कुछ कहा भी नहीं है.

‘बीजेपी भी दोनों मुद्दे पर हमेशा साथ रही है. विधानसभा से सर्वदलीय प्रस्ताव पास जब हुआ था, तब बीजेपी भी उसमें शामिल थी. प्रधानमंत्री से शिष्टमंडल जातीय जनगणना के मुद्दे पर मिला तो बीजेपी के भी नेता उसमें थे, अब यदि बीजेपी का रुख बदलता है तो यह उनका मामला होगा. हालांकि अभी तक ऑफीशियली कोई रुख बदलने की बात सामने नहीं आई है. उम्मीद है कि बीजेपी साथ देगी.’ – उपेंद्र कुशवाहा, जदयू संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष

बता दें कि विशेष राज्य और जातीय जनगणना के मुद्दे पर बीजेपी खुलकर नीतीश कुमार का समर्थन नहीं कर रही है. यही कारण है कि आरजेडी इसका फायदा उठाना भी चाहती है. हालांकि जदयू के नेता फिलहाल फूंक-फूंक कर ही बोल रहे हैं.