देश में तेजी से यौन शोषण का शिकार हो रहे हैं बच्चे, बिहार दूसरे स्थान पर तो यूपी में सबसे ज्यादा मामला

जिन बच्चों को देश का भविष्य कहा जाता है, आज उनका बचपन डर और दहशत में बीत रहा है। आंकड़े देख कर पता चलता है कि हर दिन देश में बच्चे यौन शोषण का शिकार हो रहे हैं। ये समस्या बहुत बड़ी है, क्योंकि जो बच्चे बचपन में इस तरह के अपराधों का शिकार हो जाते हैं वह पूरी जिंदगी इसे भूल नहीं पाते। सोचिए ऐसा तब हो रहा है जब हमारे देश में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े तमाम कानून पहले से मौजूद हैं। दरअसल, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक रिपोर्ट इस मामले पर सामने आई है। जिसके अनुसार, 2019 से जून 2022 तक देश में कुल 7,595 बच्चे यौन शोषण का शिकार हुए हैं। वहीं 2973 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश नंबर 1 पर बना हुआ है।

सबसे ज्यादा मामलों वाले राज्य

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार जिन राज्यों में बच्चों के यौन शोषण सबसे ज्यादा हुए हैं, उनमें उत्तर प्रदेश का नाम पहले स्थान पर है। वहीं दूसरे नंबर पर बिहार है, जहां बच्चों के साथ यौन शोषण के 511 मामले 2019 से जून 2022 तक दर्ज किए गए हैं। वहीं तीसरे नंबर पर दिल्ली है जहां 437 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि चौथे नंबर पर हरियाणा और पांचवे नंबर पर राजस्थान है। इन राज्यों में क्रमश: 411 और 410 मामले दर्ज किए गए हैं।

उत्तर से लेकर दक्षिण तक एक जैसा हाल

बच्चों के साथ यौन शोषण के मामलों पर नज़र डालें तो देश का हर कोना एक जैसा ही लगता है। मध्य प्रदेश में जहां ऐसे मामलों की संख्या 374 है, तो वहीं तमिलनाडु में 310 है। झारखंड, महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है। यहां भी ममले 200 से ज्यादा हैं। इन राज्यों में क्रमश: 287,261 और 210 मामले 2019 से जून 2022 तक दर्ज किए गए हैं।

हालांकि, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, ओडिशा और पंजाब ऐसे राज्य हैं जहां मामलों की संख्या 200 से कम है। इन राज्यों में क्रमश: 168,160,140,128 और 122 मामले इस टाइम पीरियड में सामने आए हैं। जबकि अगर हम देश में सबसे कम मामलों वाले राज्यों पर नजर डालें तो उनमें, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, असम और केरल का नाम आता है। इन राज्यों में 150 से कम मामले दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार देखें तो गुजरात में जहां 120 मामले दर्ज हुए हैं तो वहीं आंध्र प्रदेश में 112 मामले दर्ज किए गए हैं। जबकि उत्तराखंड, असम और केरल में क्रमश: 64,64 और 60 बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले 2019 से जून 2022 तक दर्ज किए गए हैं।