बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान में आयोजित चार दिवसीय राज्य स्तरीय कृषि यंत्रीकरण प्रदर्शनी में शामिल होंगे. एग्रो बिहार 2024, 8 फरवरी से ही शुरू हुआ है, जिसमें बिहार के अलावे दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के 100 से अधिक कृषि यंत्र निर्माता अपने उत्पादों के साथ पहुंचे हैं।

कृषि मेले में शामिल होंगे नीतीश कुमार: आईआईटी पटना द्वारा कृषि में ड्रोन से विशेष कर कीटनाशक और उर्वरकों का सही मात्रा में उपयोग करते हुए खेत में छिड़काव के बारे में भी जानकारी किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है. मेला परिसर में चलंत मिट्टी जांच प्रयोगशाला से किसान मिट्टी की जांच रिपोर्ट भी प्राप्त कर सकते हैं. कृषि यंत्रों के लिए किसानों को अनुदान भी दिया जा रहा है. पिछले दो दिनों में 91 लाख 56 हजार रुपये के अनुदान किसानों को दिए गए हैं।

जेडीयू विधायकों के लिए भोज का आयोजन: कृषि मेले में भाग लेने के बाद सीएम आज मंत्री श्रवण कुमार के आवास पर जेडीयू विधायकों के लिए आयोजित भोज में भी शामिल होंगे. 12 फरवरी को फ्लोर टेस्ट होना है और उससे पहले श्रवण कुमार ने आज विधानमंडल के सदस्यों के लिए भोज का आयोजन किया है. असल में जिस तरह से जेडीयू विधायकों में टूट के कयास लगाए जा रहे हैं, वैसे में उससे निपटने के लिए यह जेडीयू की रणनीति का एक हिस्सा है।

जेडीयू विधायकों में टूट की अटकलें: वहीं, 11 फरवरी को जेडीयू ने विधानमंडल दल की बैठक की बुलाई है. शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी के आवास पर शाम में यह बैठक होगी. आमतौर पर बजट सत्र शुरू होने के बाद बैठक होती रही है लेकिन इस बार बजट सत्र शुरू होने से पहले ही जेडीयू ने विधानमंडल की बैठक करने का फैसला लिया है. संख्या बल के हिसाब से 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 128 विधायक हैं. लिहाजा बहुमत हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए लेकिन सियासी हलकों में चर्चा है कि आरजेडी की ओर से जेडीयू और बीजेपी विधायकों से संपर्क साधा जा रहा है ताकि ‘खेला’ किया जा सके।