• Sat. Aug 13th, 2022

सिवान व्यवहार न्यायालय में जीतन राम मांझी पर परिवाद दायर, ब्राह्मणों को गाली देकर बुरी तरह फंसे

ByRajkumar Raju

Dec 22, 2021

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी, ब्राह्मणों पर दिए अपने बयान को लेकर घिरते जा रहे हैं. मांझी के बयान की आग अब पूरे बिहार में फैल चुकी है. विभिन्न ब्राह्मण और सामाजिक संगठनों की ओर से मांझी का पुतला फूंकने के साथ उनपर मुकदमा भी दर्ज कराया जा रहा है.  जीतन राम मांझी के खिलाफ सीवान सीजेएम कोर्ट  में परिवाद दायर हुआ है. पूर्व सीएम मांझी पर परिवाद सीवान व्यहार न्यायालय के अधिवक्ता और महादेवा निवासी संजीव कुमार चतुर्वेदी ने किया है.

दायर परिवाद में कहा है कि मांझी ने सत्यनारायण भगवान के कथा के नाम ब्राह्मण समाज के लिए अमर्यादित शब्द का प्रयोग किया है, जिससे सनातन धर्मावलंबियों और ब्राह्मण समाज को आघात पहुंचा है. उनके द्वारा प्रयोग किए गए शब्द से जातीय उन्माद फैलाने का प्रयास किया है.

जीतन राम मांझी ने 19 दिसंबर को पटना में एक जनसभा के दौरान ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया था. उन्होंने कहा था.’जब मैं छोटा था, सत्यनारायण पूजा का प्रचलन हमारे समुदाय (मुसहर) में ज्यादा लोकप्रिय नहीं था. इन दिनों सत्यनारायण पूजा का प्रचलन लगभग हर घर में हो रहा है. इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि ब्राह्मण **** (पंडित) हमारे घर आते हैं. पूजा करते हैं, लेकिन वे हमारे घरों में खाना नहीं खाते हैं. वे बेशर्मी से हमारे घरों में खाना खाने के बजाय हमसे पैसे (दक्षिणा) मांगते हैं.’

जिसके बाद 20 दिसंबर को मांझी ने अपने बयान पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने ब्राह्मणों के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने समुदाय के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. मांझी ने कहा,’फिर भी अगर किसी को मेरे बयान से ठेस पहुंची है तो मैं अपनी बात वापस ले लूंगा.’