बिहार में भ्रष्टाचार चरम पर है. अधिकांश विभागों के अधिकारी माल बना रहे. रिश्वत के पैसे से अकूत संपत्ति अर्जित कर रहे हैं. जांच एजेसिंयां समय-समय पर भ्रष्ट अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी भी करती हैं. बावजूद इसके रिश्वतखोर अधिकारियों में भय नहीं. इधर, पटना की विशेष अदालत ने एक भ्रष्ट अधिकारी की संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया है. भ्रष्ट अधिकारी फूड इंस्पेक्टर है.
भ्रष्ट अधिकारी की संपत्ति जब्त करने का आदेश
पटना की निगरानी अदालत ने एक भ्रष्टाचारी की संपत्ति जब्त करने का आदेश सुनाया है. तत्कालीन फूड इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार और परिजनों के नाम पर अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया गय़ा है. निगरानी की विशेष अदालत ने फूड इंस्पेक्टर की 52 लाख से अधिक की संपत्ति जप्त करने का निर्देश दिया है. इनमें जमीन के 11 प्लॉट, एलआईसी के कागजात बैंक में जमा पैसे जब्त करना है. कोर्ट ने पटना के जिलाधिकारी को संपत्ति जब्त करने को कहा है.
बता दें, निगरानी ब्यूरो ने वर्ष 2013 में फूड इंस्पेक्टर डा. सुरेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की थी. शिकायत पर जांच पूरी करने के बाद राजधानी पटना में उसके आवास पर विजिलेंस ब्यूरो ने छापेमारी की तो उसकी अकूत कमाई के सुबूत टीम के हाथ लगे थे विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर रेड किया था. भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो डा.सुरेन्द्र के खिलाफ जांच कर रहा था। जांच पूरी होने पर विजिलेंस ब्यूरो ने डा. सुरेंद्र के खिलाफ ब्यूरो में एक मामला दर्ज कर पटना के अशोक नगर के रोड नंबर आठ स्थित उसके विशाल आवास गीतांजलि में छापेमारी की थी.
बता दें, निगरानी ब्यूरो ने वर्ष 2013 में फूड इंस्पेक्टर डा. सुरेंद्र कुमार के ठिकानों पर छापेमारी की थी. शिकायत पर जांच पूरी करने के बाद राजधानी पटना में उसके आवास पर विजिलेंस ब्यूरो ने छापेमारी की तो उसकी अकूत कमाई के सुबूत टीम के हाथ लगे थे विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर रेड किया था. भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो डा.सुरेन्द्र के खिलाफ जांच कर रहा था। जांच पूरी होने पर विजिलेंस ब्यूरो ने डा. सुरेंद्र के खिलाफ ब्यूरो में एक मामला दर्ज कर पटना के अशोक नगर के रोड नंबर आठ स्थित उसके विशाल आवास गीतांजलि में छापेमारी की थी.
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