महाकुंभ अब समाप्ति की तरफ अग्रसर हैं। इसके बाद भी संगम स्नान करने वाले लोगों की भीड़ कम कम होता हुआ नगर नहीं आ रहा है। वीकेंड के समय ट्रेनों में जमकर भीड़ देखने को मिल रहा है। ऐसे में अब ताजा घटना पटना जंक्शन में देखने को मिला है। जहां पटना जंक्शन के तीन नंबर प्लेटफॉर्म पर मगध एक्सप्रेस के आने के साथ ट्रेन में चढ़ने की जद्दोजहद रही।
कोई खिड़की से घुसा तो कोई दरवाजे पर एक दूसरे को धकियाते हुए। इस बीच प्लेटफॉर्म पर एक महिला और एक युवती गिर पड़ी। ट्रेन में घुसने के चक्कर में दर्जनों यात्री महिला और एक युवती को रौंदते हुए बोगी के दरवाजे पर जोर आजमाइश करने लगे। इसी बीच आरपीएफ की नजर गिरी दो महिला यात्रियों पर पड़ी और उन्हें भीड़ के बीच से बाहर निकाला।
वहीं, ट्रेन की एसी बोगियों का हाल जनरल से बदतर हो गया। छह लोगों की सीट पर 18 लोग सवार हो गए। बोगी के गलियारे से लेकर गेट तक ठसमठस भीड़ रही। आरपीएफ के डंडा चलाने के बावजूद कई यात्री मगध एक्सप्रेस के बंद एसी कोच के दरवाजे पर लटककर सफर करते देखे गए। स्लीपर कोच के एक एक दरवाजे पर दर्जन भर यात्री लटके मिले। ब्रह्मपुत्र, संघमिश्रा और दानापुर पुणे में भी ऐसे ही हालात रहे।
जबकि संपूर्ण क्रांति और तेजस राजधानी के समय भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच यात्रियों को उनके आरक्षित बर्थ पर चढ़ाया गया। सबसे ज्यादा भीड़ प्लेटफार्म संख्या आठ पर शाम सवा छह बजे उमड़ी। पटना गया पैसेंजर ट्रेन में सफर करने के लिए हजारों यात्री प्लेटफॉर्म और रेल की पटरियों पर उतर गए। भीड़ के आगे आरपीएफ व अन्य बल बेबस नजर आए। भभुआ पैसेंजर के प्लेटफॉर्म पर आते ही ट्रेन से उतरने की मारामारी मची वहीं गया जाने वाले यात्री बोगियों पर टूट पड़े। 20 मिनट तक प्लेटफॉर्म पर भगदड़ जैसे हालात बने रहे।
इधर, पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक छत्रसाल सिंह ने शुक्रवार को विभागाध्यक्षों के साथ वॉर रूम पहुंचकर स्टेशनों पर भीड़ और यात्री सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की। महाप्रबंधक ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हरसंभव कदम उठाएं जाएं। उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों के परिचालन के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।