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ऑटो चालक की बेटी, पार्ट टाइम जॉब कर भरी फीस, उसी रौशनी ने कॉमर्स में किया बिहार टॉप

ByLuv Kush

मार्च 25, 2025
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यह सच में प्रेरणादायक है! रौशनी ने अपनी मेहनत और समर्पण से ना केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया, बल्कि बिहार के शिक्षा क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई. रौशनी कुमारी वैशाली के हाजीपुर के बिदुपुर थाना क्षेत्र के फुलहरा गांव में रहती है. उनके पिता सुधीर कुमार ऑटो चालक हैं. पिता ने कहा कि मैंने ऑटो चलाकर अपनी बच्ची को पढ़ाया. कई बार एक वक्त का खाना खाकर दिन गुजारा, लेकिन बेटी की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी.

ऑटो चला कर बच्चों को शिक्षा: रौशनी के पिता सुधीर कुमार का कहना है कि वह ऑटो चला कर अपने बच्चों को शिक्षा दिला रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब रौशनी सिर्फ 3 साल की थी तभी उन्हें अहसास हो गया था कि वह एक न एक दिन जरूर नाम रोशन करेगी. उन्होंने बताया कि रौशनी पहले क्लास से ही पढ़ाई लिखाई में तेज हैं. उनके पिता भी इंटर पास हैं. उन्होंने उम्मीद जताई है कि रौशनी आगे बढ़कर जरूर कामयाब होंगी.

“मैंने ज्यादा पढ़ाई नहीं किया हूं. मैं इंटर पास हूं. रोशनी की मां काफी ज्यादा ध्यान देती थी. वह उसकी पढ़ाई करवाती थी. मैं मजबूरी में ऑटो चलाने का काम करता हूं. रौशनी के बिहार टॉपर होने पर बहुत खुशी है. इसके पीछे उसकी मां का बहुत मेहनत है.” -सुधीर सिंह, पिता

आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार: बिहार कामर्स टॉपर रौशनी कुमारी का कहना है कि वह सीए बनना चाहती हैं. रौशनी कुमारी भावुक होकर बताती हैं कि उनके पापा ऑटो चलाते हैं. दिनभर में एक बार खाना खा कर चले जाते हैं फिर कोई ठिकाना नहीं रहता. उनकी मम्मी पढ़ाई लिखाई में काफी सपोर्ट करती हैं. रौशनी ने बताया कि उनकी फैमिली में फाइनेंशियल प्रोब्लम्स हैं इसके बावजूद उ

पढ़ाई के लिए पार्ट टाइम जॉब: आर्थिक तंगी से पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए जिस कोचिंग में रौशनी पढ़ाई करती थी. वह 1 घंटे का पार्ट टाइम जब भी करती थी. जिससे कोचिंग का फीस नहीं देना पड़े. कोचिंग से 500 रुपये मिलता था. अपने बारे में रोशनी ने खुद बताया कि बहुत अच्छा लग रहा है. मेरा रिजल्ट फर्स्ट रैंक आया है और बिहार मैं टॉपर हूं.

“बहुत अच्छा लग रहा है मेरा रिजल्ट फर्स्ट रैंक आया है. टीचर के ऊपर मेरा बहुत अच्छा इंप्रेशन था. आर्थिक परेशानी थी इसलिए जिस कोचिंग में पढ़ते थे. वहां 1 घंटे का पार्ट टाइम जब भी करते थे. जिससे 500 रुपए मिलता था. मेरे पिता ऑटो चलाते हैं इसलिए काफी तंगी थी. मेरी मां मुझे पढ़ाती थी. 10 घंटे के आसपास हम पढ़ाई करते थे. आगे चलकर सीए तैयारी करनी है”– रोशनी कुमारी, कॉमर्स टॉपर

परिवार और गांव में खुशी: रौशनी कुमारी के बिहार टॉप होने पर माता-पिता के साथ ग्रामीणों में खुशी की लहर है. रौशनी कुमारी को मिठाई खिलाकर बधाई देने वाले लोगों का तांता लगा हुआ है. रौशनी कुमारी कॉमर्स में टॉप करके जिले के साथ गांव का नाम रोशन की है. रौशनी प्राथमिक विद्यालय काशीपुर चकबीबी, हाई स्कूल चांदपुरा से मैट्रिक (10वीं) और इंटर (12वीं) हाजीपुर जमुनीलाल कॉलेज से की है.

“मैं खुद भी पढ़ने में बहुत अच्छी थी, लेकिन आर्थिक परेशानियों की वजह से मैं कुछ बन नहीं सकी. इसलिए अपनी बेटी पर पूरा ध्यान दिया, उसको अच्छे से पढ़ाया अब वह बिहार टॉप की. बहुत अच्छा लग रहा है. आगे रश्मि तय करेगी उसको क्या बनना है. आर्थिक तंगी थी बावजूद उसने अच्छे से पढ़ाई किया.”-आरती कुमारी, रौशनी की मां


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