भागलपुर : सबौर प्रखंड क्षेत्र की खानकित्ता पंचायत के खानकित्ता गांव में बुधवार को डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी का गृह प्रवेश करवाया। साथ में डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह भी मौजूद थे। लाभार्थी नवीन कुमार सिंह की पत्नी अमृता कुमारी को घर का चाबी दिया। लाभार्थी महिला से ही फीता कटवाकर गृह प्रवेश कराया। लाभार्थी ने बताया कि राशि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली थी। जो तीन माह के अंदर सभी राशि मिलने के बाद घर का निर्माण किया। इस मौके पर पंचायत के मुखिया सुनील कुमार चौधरी फरका पंचायत के मुखिया राजेंद्र प्रसाद मंडल ने डीएम को अंग वस्त्रत्त् देकर सम्मानित किया।
बालिका इंटर स्तरीय सबौर विद्यालय का डीएम ने किया औचक निरीक्षण
डीएम ने बालिका इंटर स्कूल सबौर का औचक निरीक्षण किया। लगभग एक घंटा तक विद्यालय का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने विद्यालय के कार्यालय पहुंचकर शिक्षकों की उपस्थिति पंजी की जांच की। इस मौके पर सबौर बीडीओ प्रभात रंजन, सीओ सौरभ कुमार सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
भागलपुर, वरीय संवाददाता। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पहली किस्त की राशि जिले के 20 हजार 396 लोगों के खाते में भेजी गई है। सभी लाभुकों के खाते में 40 हजार रुपये एक क्लिक से भेज दी गई। इस तरह भागलपुर के लाभुकों के बैंक खाते में 81 करोड़ 58 लाख 40 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अगले 100 दिन में इन लाभार्थियों को द्वितीय किस्त की राशि 80 हजार रुपये की दर से भेजी जाएगी। जानकारी के मुताबिक, योजना को लेकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20,369 का चयन किया गया। इनमें 18,187 का स्वीकृति पत्र तैयार हुआ। जबकि 14,416 लाभुकों का एफटीओ बनाया गया।
योजना का लाभ गोराडीह के 1229, इस्माईलपुर के 519, नारायणपुर के 967, सन्हौला के 1219, नवगछिया के 788, सुल्तानगंज के 1,784, बिहपुर के 1033, कहलगांव के 2,379, गोपालपुर के 919, जगदीशपुर के 1,150, खरीक के 1490, नाथनगर के 1078, पीरपैंती के 1,644, रंगरा चौक के 1017, सबौर के 1,331 और शाहकुंड के 1,522 लाभुकों को दिया गया। इनमें कुछ महिलाओं को समीक्षा भवन में बुलाकर प्रतीकात्मक चाबी दी गई। कई को स्वीकृति पत्र दिया गया।
कोचिंग संचालन को लेकर कार्रवाई की बात
डीएम ने इंटर स्तरीय बालिका विद्यालय में नवमी कक्षा में जाकर छात्रा से पूछताछ की। शिक्षक से भी छात्रा की उपस्थिति कम होने को लेकर भी जानकारी ली। जहां शिक्षकों ने कहा कि वैसे छात्रा विद्यालय नहीं आना चाहती हैं। बाहर में प्राइवेट कोचिंग में अपनी पढ़ाई करना चाहती हैं। हालांकि इस पर डीएम ने विद्यालय के समय में क्षेत्र में कोचिंग संचालन करने को लेकर कार्रवाई करने की भी बात कही। वैसे कोचिंग की पहचान की जाएगी। उपस्थित में बढ़ोतरी हो इसके लिए उसके अभिभावक से बात कर विद्यालय में जन प्रतिनिधियों के माध्यम से एक संगोष्ठी आयोजन करने को लेकर भी दिशा-निर्देश दिया गया।
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