बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर और पारदर्शी सेवा देने के लिए बिहार में जल्द ही राजस्व प्रबंधन प्रणाली (RMS) को लागू किया जाएगा। ऊर्जा विभाग के सचिव सह सीएमडी, बीएसपीएचसीएल, पंकज कुमार पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस प्रणाली को इसी वर्ष लाइव किया जाए।
बिलिंग होगी अधिक सटीक और तेज़
वर्तमान में ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं की बिलिंग SAP और NIC दो अलग-अलग प्लेटफॉर्म से की जाती है, जिससे समन्वय की दिक्कतें आती हैं। नई RMS प्रणाली इन सभी को एकीकृत करेगी, जिससे बिलिंग प्रक्रिया अधिक कुशल और पारदर्शी होगी। इसके तहत:
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- पोस्टपेड और प्रीपेड बिलिंग एक ही प्लेटफॉर्म पर आएगी
- उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिलिंग की सुविधा मिलेगी
- राजस्व संग्रहण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा
डिजिटलीकरण से उपभोक्ताओं को मिलेगी निर्बाध सेवा
ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि RMS के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि “यह प्रणाली बिजली आपूर्ति के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर सेवाएं मिलेंगी।”
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