पांच भाषाओं को मिला शास्त्रीय भाषा का दर्जा
केंद्र सरकार ने मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने की घोषणा की है। इन भाषाओं को शासत्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद देश में शास्त्रीय भाषाओं की संख्या 11 हो गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इन पांच भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का फैसला किया गया। सरकार के इस निर्णय से इन भाषाओं को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने मराठी को शास्त्रीय भाषा घोषित करने का फैसला ऐसे वक्त किया है, जब जल्द ही वहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि शास्त्रत्त्ीय भाषाएं भारत की गहन और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की संरक्षक के रूप में काम करती हैं। संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने अक्तूबर 2004 में शास्त्रीय भाषाओं के रूप में भाषाओं की एक नई श्रेणी बनाने का फैसला किया था, जिसमें तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया और शास्त्रीय भाषा के दर्जे के लिए मानदंड भी निर्धारित किए थे।
चेन्नई मेट्रो के फेस दो को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को चेन्नई मेट्रो के फेस दो मंजूरी दे दी है। इस पर 63246 करोड़ लागत आएगी और इसके तहत 118.9 किमी मेट्रो लाईन बनाई जाएगी।
खाद्य तेलों पर राष्ट्रीय मिशन को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन को मंजूरी दी है। इस मिशन पर 10,103 करोड़ रुपये का खर्च सात सालों तक किया जाएगा। कैबिनेट ने प्रमुख बंदरगाहों और डॉक श्रम बोर्ड के कर्मचारियों एवं श्रमिकों के लिए मौजूदा उत्पादकता से जुड़े पुरस्कार (पीएलआर) योजना में संशोधन को मंजूरी दी है।
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