बिहार के पूर्व DGP गुप्तेश्वर पांडे का नया रूप, लंदन जाकर बने इंटरनेशनल कथावाचक

अंतरराष्‍ट्रीय कथावाचक बने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, कहा- 10 देशों में कर रहा हूं कथाएं, खुद को बताया मोदी का प्रशंसक : बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब अंतराष्ट्रीय कथावाचक बन गए हैं। एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने खुद कहा कि वो लगभग 10 देशों में कथाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की ध्वजा को पूरी दुनिया में फैलाना है। पीएम मोदी पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में पांडेय ने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी का प्रशंसक हूं। वो देश की शान हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद वहां विकास हो रहा है।

राजनीति में जाने के सवाल पर पांडेय ने कहा कि मुझमें राजनीति में जाने वाले गुण नहीं हैं। अगर ये गुण होते तो मैं राजनीति में होता। नेता लोग महान होते हैं। उनके अंदर त्याग, तपस्या, शील जैसे महान गुण होते हैं। वो सब गुण मेरे अंदर नहीं हैं, इसलिए मैं भगवान की शरण में आ गया और आकर मैं बहुत खुश हूं।

बाबा बनने के सवाल पर बिहार के पूर्व डीजीपी ने कहा कि मैं जन्मजात बाब हूं। ब्राह्मण के घर में पैदा हुआ हूं। मेरे दादा-दादी, मां-बाप अनपढ़ थे। अपने खानदान में मैं पहला व्यक्ति हूं, जो आठ साल की उम्र में स्कूल गया। उन्होंने कहा कि बिहार को मैंने बहुत पहले छोड़ दिया है, अब मैं अयोध्या में रहता हूं। रिक्शा-टेंपो पर कोई भी मुझे देख सकता है।

बता दें, सितंबर, 2020 में बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने समय से पहले वीआरएस ले लिया था। पांडे ने ऐसे समय में वीआरएस लिया था, जब बिहार विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका था। उस वक्त उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज थीं। उस वक्त माना जा रहा था कि पांडेय एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर अपनी सियासी किस्मत आजमा सकते हैं। पांडे ने राजनीति में भाग्य आजमाने के लिए 11 साल पहले भी वीआरएएस लिया था, लेकिन बीजेपी से टिकट नहीं मिलने के बाद वो घर वापसी कर गए थे।