जीतन राम मांझी शनिवार को गया पहुंचे हुए थे. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर बातचीत की. बिहार में मंत्रिमंडल के विस्तार पर उन्होंने कहा कि महागठबंधन में आपसी तालमेल की कमी है. खींचतान है. कांग्रेस पार्टी दो सीट कह रही है. 23 जुलाई को मंत्रिमंडल का विस्तार होना था, लेकिन नहीं हुई. इसका मतलब है कि वहां खींचतान है. यह गठबंधन टूटेगा. हो सकता है कि बिहार में राष्ट्रपति शासन भी लगे. महागठबंधन में सब पार्टी के लोग पीएम के उम्मीदवार हैं और कोई 10 सीट तो कोई 20 सीट में लगे हैं. एनडीए में सीट की लड़ाई नहीं है. पीएम नरेंद्र मोदी के सामने अभी कोई नहीं है।

मुकेश सहनी को लेकर जीतन राम मांझी ने कहा एनडीए की बैठक हुई थी तो उसमें मुकेश सहनी को बुलाया जाता, लेकिन नहीं बुलाया गया. यह एनडीए के लोग उनकी अहमियत को समझते हैं. मुकेश सहनी पास पैसा है. करोड़ों रुपये की गाड़ी से प्रचार करेंगे या फिर पैसा दिखा रहे हैं. राजनीति में पैसा पर विश्वास करते हैं. जैसे हमलोगों की पार्टी है उतना खर्च नहीं कर सकती है. सभी कार्यकर्ता खुद से कार्यक्रम आयोजित करते हैं, लेकिन वह तो पैसा दिखा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वह शो करना चाह रहे हैं अब उनके पैसा पर कौन आकर्षित होगा, यह हम नहीं कह सकते हैं. हमें यह मालूम है एनडीए के लोग पैसों की राजनीति नहीं करते हैं. हम भी एनडीए में गए. स्टेटस देखी जाती है पैसा कोई मायने नहीं रखता है. एनडीए के लोग अगर उन्हें स्वीकार करते हैं तो हम भी उनका स्वागत करेंगे।

जीतनराम मांझी ने कहा कि यह शर्मनाक घटना है. पुलिस द्वारा यह कहा जाता है कि पुलिस की गोली से मौत नहीं हुई है. मंत्री बिजेंद्र यादव ने फिर क्यों कहा कि बदमाशी करने पर गोली चलेगी, यह बयान निराशाजनक है. गोली चलाने का भी तरीका होता है. बिहार कैबिनेट के मंत्री ने स्वीकार किया कि बदमाशी हुई तो गोली चली है और प्रशासन कह रहा है कि पुलिस द्वारा नहीं चलाई गई है. यह जांच का विषय है. बिहार में भी गोली चलने लगी है. इससे पता चलता है कि स्थिति बद से बदतर हो गई है कि अब गोली चलानी पड़ रही है।