मोकामा में एक मकान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया जिसमें पूर्व विधायक अनंत सिंह बाल-बाल बच गए। सोनू-मोनू गिरोह के गुर्गों के साथ हुई अंधाधुंध फायरिंग में अनंत सिंह के समर्थक उदय यादव घायल हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए हैं। दोनों गांवों के बीच तनाव का माहौल है और पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात कर दिया है।
दरअसल, मोकामा के बाहुबली कहे जाने वाले अनंत सिंह पर हमले के बाद से एक बार फिर बिहार में बाढ़-मोकामा के इलाकों में खूनी संघर्ष यानी गैंगवार शुरू होने का खतरा मंडराने लगा है। अनंत सिंह पर हमला उस वक्त किया गया था जब वो मोकामा में एक मामले को सुलझाने गए थे। इस हमले में सोनू-मोनू का नाम सामने आने के बाद सोनू-मोनू के पिता का दावा है कि अनंत सिंह पर एफआईआर दर्ज किया गया है और उन्होंने गोली चलाई है। लेकिन अब पूर्व विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि उन्हें केस से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘दो लोगों ने फायरिंग की और मेरे एक समर्थक को गर्दन पर गोली लग गई। सोनू-मोनू किडनैपर और चोर हैं। वो लोगों के खेतों को लूटते हैं। वो लोग चोर हैं और उनके पिता डकैत। वो पिस्टल लेकर घूमते हैं। अगर पुलिस ने ऐक्शन लिया होता तो मुझे चिंता करने की जरुरत नहीं थी।
मैंने मांग की थी कि जांच कराई जाए लेकिन पुलिस ने पैसे लिए और कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोनू-मोनू पुलिस के मुखिया जैसे हैं। मैं चाहता हूं कि लोग सुरक्षित रहें। मैं कोई सुरक्षा की मांग नहीं करता हूं। अब यह सरकार पर है कि मैं जेल जाऊं या ना जाऊं। मैं लोगों के साथ खड़ा हूं और क्या हुआ अगर मेरे खिलाफ कोई केस हुआ तो? मुझे केस की कोई परवाह नहीं है।’
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