कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा है कि उनको हर चीज फर्जी नजर आती है, जबकि खुद ही पूरे फर्जीवाड़ा के सरदार हैं. बिहार ने जो जातीय आधारित सर्वे कराया उसके आधार पर वे जातीय जनगणना की मांग कर रहे थे. वे ड्रामा करते रहते हैं, किसी चीज का ज्ञान नहीं है. ललन सिंह ने कहा कि बिहार में कोई पेपर लीक नहीं होता है और जो पेपर लीक होता है, उसका तार झारखंड से होता है जहां इनकी सरकार है. दरअसल, एक दिवसीय बिहार दौरे पर आए राहुल गांधी ने कई मुद्दों को उठाया. जहां एक ओर उन्होंने बिहार में हुए जातीय जनगणना को नकली (Fake) बताया. वहीं दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन के नेतृत्व में ही बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही.
पटना में संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह पूरे तौर पर जातीय जनगणना के पक्ष में हैं. उन्होंने जातीय जनगणना की वकालत करते हुए कहा कि हम इस पक्ष में हैं कि जिसकी जितनी आबादी में हिस्सेदारी है उसकी उतनी भागीदारी होगी. क्योंकि हिंदुस्तान का सिस्टम कॉलेप्स कर रहा है और उसे ठीक करना है.
राहुल गांधी का यह बयान नए विवाद को जन्म दे सकता है, क्योंकि बिहार में जब जातीय जनगणना हुई थी उस वक्त महागठबंधन की सरकार थी. तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री थे. यही नहीं कांग्रेस के मंत्री भी मंत्रिमंडल में शामिल थे. ये अलग बात है जातीय जनगणना की पहल तत्कालीन एनडीए सरकार के समय में हुई थी.