रेलकर्मियों की लापरवाही फिर एकबार सामने आयी है. हाल में ही बालासोर में बड़ा हादसा हुआ जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. कई लोगों के घर उजड़ गए. परिवार समाप्त हो गया. लेकिन अभी भी इन घटनाओं से सीख लेने के बजाय लापरवाही को ब्रेक नहीं दिया जा रहा. बिहार के भभुआ रोड स्टेशन पर रविवार को ऐसी ही एक अनहोनी हो सकती थी जब रेड सिग्नल के बावजूद ट्रेन पटरी पर दौड़ती रही।

भभुआ रोड स्टेशन पर रविवार को बड़ा हादसा टल गया. जम्मू से हावड़ा की ओर जानेवाली कोलकाता एक्सप्रेस भभुआ रोड स्टेशन पर रुकने के बजाय लाल सिग्नल पार कर गयी. हालांकि समय रहते ही स्टेशन मास्टर और गार्ड ने सूझ-बूझ दिखायी और ट्रेन को रिवर्सल लाइन में खड़ा किया गया. इसके बाद इसकी सूचना कंट्रोल को दी गयी. सूचना पर हाजीपुर जोन से सीएसओ व मुगलसराय से डीआरएम सहित कई अधिकारी भभुआ रोड पहुंचे, जहां मामले की जांच के तुरंत एक्शन लिया गया।

जांच के बाद उक्त ट्रेन में मौजूद गार्ड और ड्राइवर को हटाकर दूसरे गार्ड और ड्राइवर के सहारे करीब दो घंटे 45 मिनट के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया. बताया जाता है कि गोमो के एक ड्राइवर बीके सिंह की लापरवाही सामने आयी है. इसके बाद रेलवे के वरीय अधिकारियों द्वारा जांच की गयी. जांच के दौरान बीके सिंह की लापरवाही सामने आयी. इसके बाद ड्राइवर बीके सिंह को निलंबित कर दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार, रिवरसेबल लाइन में ही लाल सिग्नल पर कोलकाता एक्सप्रेस को रुक जाना था, यदि रिवरसेबल के बजाय डाउन लाइन में ट्रेन घुसती, तो आगे जा रही आसनसोल पैसेंजर में टकराने से इन्कार नहीं किया जा सकता था. इस दौरान यात्रियों ने बताया कि अभी बालासोर में ट्रेन दुर्घटना हुई थी, जिसके बाद यहां इस तरह की लापरवाही देखने के बाद काफी भयभीत हो गये।