टू व्हीलर हेलमेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन की ओर से इस घोषणा का स्वागत किया गया है। THMA के अध्यक्ष राजीव कपूर ने कहा कि यह केवल एक नियम नहीं, बल्कि देश की आवश्यकता है। जो परिवार सड़क दुर्घटनाओं में अपनों को खो चुके हैं – उनके लिए यह फैसला उम्मीद की किरण है कि अब ऐसी त्रासदियों को रोका जा सकेगा। हेलमेट निर्माता संघ ने आश्वासन दिया कि वे गुणवत्तापूर्ण आईएसआई हेलमेट के उत्पादन में वृद्धि करेंगे और देशभर में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने मंत्री जी की इस पहल को सड़क सुरक्षा में मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह कदम भारत में सुरक्षित और समझदारी भरी दोपहिया यात्रा के नए युग की शुरुआत करेगा।हर साल होते हैं बड़ी संख्या में हादसे
भारत में हर साल बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल देश में 4.80 लाख सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में 1.88 लाख लोगों की मौत हो जाती है। खासकर दो पहिया वाहनों से जुड़े हादसों में हर साल 69 हजार लोगों की मौत होती है। जिसमें से 50 फीसदी मौत हेलमेट न पहनने के कारण होती हैं।
हेलमेट पहनने से क्या होता है फायदा
दो पहिया वाहन चलाते हुए अगर हेलमेट न पहना जाए तो हादसे के समय हेड इंजरी होने का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन अगर हेलमेट पहना हुआ हो तो हादसा होने पर भी सिर को बचाने में हेलमेट काम आता है। इसके अलावा सर्वाइकल स्पाइन इंजरी होने का खतरा भी कम हो जाता है। हेलमेट पहनने के कारण सिर को तो बचाया ही जा सकता है, साथ ही आंखों को तेज हवा और धूल से भी सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।