बिहार के सरकारी स्कूलों की व्यवस्था ठीक करने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का सहारा ले रहे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ के जाल में कई हेडमास्टर औऱ शिक्षक फंस रहे हैं. शिक्षा विभाग के पटना मुख्यालय से जिलों में बैठे अधिकारियों को उनके इलाके के स्कूलों में गड़बड़ी की जानकारी दी जा रही है. जानकारी देने के साथ साथ संबंधित हेडमास्टर या शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी दिया जा रहा है.
सुपौल में सस्पेंड हो गये दो हेडमास्टर
सुपौल में डीपीओ स्थापना ने दो हेडमास्टर को निलंबित करने का आदेश जारी किया है. ये पत्र शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ के निर्देश पर जारी किया गया है. जिन दो हेडमास्टर को सस्पेंड किया गया है उनमें एक डीडीओ के रूप में भी कार्यरत थे. उन्हें अवैध राशि वसूलने के आरोप में निलंबित किया गया है तो एक दूसरे हेडमास्टर को स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर निलंबित किया गया है.
उपर से आया था आदेश
जिला शिक्षा कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक सुपौल के त्रिवेणीगंज के डीडीओ सह मध्य विद्यालय बभनगामा के हेडमास्टर धनेश्वर सरदार के खिलाफ अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ शिकायत मिली थी. उन पर अवैध उगाही की शिकायत की गई थी. इसमें कहा गया था कि डीडीओ सह हेडमास्टर धनेश्वर सरदार शिक्षकों से संपत्ति ब्यौरा के लिए 500 रूपए की वसूली कर रहे हैं.
शिक्षा विभाग ने इसकी जांच कराई गई तो प्रथम दृष्टि में उन पर लगा आरोप सही पाया जा रहा है. इसके बाद उन्हें निलंबित करने का आदेश हुआ और डीपीओ स्थापना ने डीडीओ सह हेडमास्टर को निलंबित करने का पत्र जारी कर दिया है. डीडीओ को 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण सौंपने का भी आदेश दिया गया है.
इसके अलावा त्रिवेणीगंज के ही उच्च माध्यमिक विद्यालय कुमियाही के हेडमास्टर को भी स्कूल की खराब व्यवस्था को लेकर निलंबित किया गया है. उऩके खिलाफ कार्रवाई का निर्देश भी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की ओर से आया था. इसके बाद जिला स्तर पर जांच करायी गयी और हेडमास्टर को निलंबित करने का पत्र जारी कर दिया गया है.
कई और शिक्षकों पर गिरेगी गाज
सुपौल के डीपीओ स्थापना राहुल चंद्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग ने ऐसी व्यवस्था की है कि स्कूलों के हेडमास्टर से लेकर शिक्षकों की शिकायत सीधे अपर मुख्य सचिव के पास पहुंच जा रही है. दरअसल, शिक्षा विभाग ने स्कूलों से संबंधित शिकायतों के लिए टॉल फ्री नंबर जारी कर दिया है. इस नंबर पर आने वाली शिकायतों की निगरानी सीधे एसीएस एस. सिद्धार्थ कर रहे हैं.
डीपीओ स्थापना ने बता कि शिक्षा विभाग से टॉल फ्री नंबर जारी होने के बाद विभिन्न रूप से अवैध उगाही का लगातार खुलासा हो रहा है. विभाग से इस पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने बताया कि फिलहाल दो शिक्षकों पर कार्रवाई की गई. अभी कई और के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. स्कूल संचालन में लापरवाही या किसी दूसरे गलत काम में संलिप्त पाए जाने वाले हेडमास्टर या शिक्षकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होगी. इसको लेकर जांच भी चल रही है.
टोल फ्री नंबर पर शिकायतों की भरमार
दरअसल बिहार के शिक्षा विभाग की ओर से टॉल फ्री नंबर जारी होने के बाद शिकायतों की भरमार लग गई है. इसके बाद स्कूलों में अवैध उगाही की पोल खुलने लगी. बिहार के सैकड़ों स्कूलों में अधिक अवैध उगाही की शिकायत आ चुकी है. हाई स्कूलों में खुलेआम प्रायोगिक परीक्षा के एवज में 300 से 500 रूपए तक वसूला जाने की शिकायत की गई है. दूसरी कुव्यवस्थाओ को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं. इनकी निगरानी सीधे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव कर रहे हैं.