जमीन की खरीद-बिक्री और निबंधन के लिए अब जमाबंदी में नाम का उल्लेख जरूरी होगा। राजस्व दस्तावेजों में जिनके नाम से जमाबंदी कायम होगी, अब सिर्फ वही उस संपत्ति की बिक्री या पुन: निबंधन करा सकेंगे। निबंधन कार्यालयों को जमाबंदी कायम होने का साक्ष्य देने पर ही आवेदक को संबंधित संपत्ति को बेचने की अनुमति मिलेगी। जमीन विवाद के बढ़ते मामलों से निबटने के लिए हाई कोर्ट के आदेश पर निबंधन विभाग ने यह नियम गुरुवार से ही लागू कर दिया है।

निबंधन विभाग के उप निबंधन महानिरीक्षक मनोज कुमार संजय ने सभी जिलों के डीएम और अवर निबंधकों को पत्र लिख कर इसे लागू करने का निर्देश दिया है। फ्लैट और अपार्टमेंट की बिक्री के लिए जमाबंदी से जुड़ा आदेश लागू नहीं होगा।

विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि कोई दस्तावेज ऐसी संपत्ति की बिक्री या दान से संबंधित हो, जिसके विक्रेता या दानकर्ता के नाम से जमाबंदी कायम होने का उल्लेख दस्तावेज में नहीं हो और विक्रेता-दानकर्ता के नाम से जमाबंदी कायम होने संबंधी कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया हो, तो उनके रजिस्ट्री दस्तावेज को अस्वीकृत कर दिया जाएगा।

शहरी क्षेत्र में होल्डिंग कायम होना अनिवार्य

शहरी क्षेत्र में खरीद-बिक्री के लिए विक्रेता या दानकर्ता के नाम से होल्डिंग कायम होने का उल्लेख दस्तावेज में होना अनिवार्य होगा या उनको इससे संबंधित साक्ष्य देना होगा। अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गयी है तो उनकी मृत्यु से संबंधित प्रमाण पत्र का साक्ष्य लगाने और उनका वारिस निर्धारित होने पर ही संबंधित व्यक्ति के नाम से कायम जमाबंदी दस्तावेज की रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

पटना हाई कोर्ट के आदेश का हो रहा अनुपालन

निबंधन की नई शर्त पटना हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन का नतीजा है। निबंधन विभाग की पूर्व निर्गत अधिसूचना के विरोध में दो वाद पटना हाइकोर्ट में सीडब्लूजेसी के तहत दायर किए गए थे। दोनों वादों में पटना हाई कोर्ट ने आदेश पारित कर अधिसूचना संख्या 3644 दिनांक 10.10.2019 पर रोक लगा दी थी।

इसके साथ ही पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सभी संबंधितों को निदेश भेजा गया था। नौ फरवरी 2024 को इससे संबंधित अन्य वादों का समेकित आदेश पारित होने के बाद निबंधन विभाग ने इसे सभी कार्यालयों को नया आदेश लागू करने का निर्देश दिया है।