पीएम मोदी के खिलाफ 25 सितम्बर को नीतीश कुमार दिखाएंगे दम, एक मंच पर दिखाएंगे विपक्षी एकता की ताकत

भाजपा के खिलाफ देशभर में विपक्षी एकता को मजबूत करने की कोशिश लगातार जारी है। विपक्ष के कई नेताओं की ओर से इस पर पहल की जा रही है। शरद पवार इसमें सबसे आगे हैं। शरद पवार लगातार विपक्ष को एकजुट होने की बात कर रहे हैं। भाजपा से गठबंधन तोड़कर अलग होने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी अब लगातार विपक्षी एकता को लेकर संकल्पित दिख रहे हैं। तभी तो उन्होंने पिछले दिनों अपने दिल्ली दौरे के दौरान विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात की थी। इन सबके बीच 25 सितंबर को हरियाणा के फतेहाबाद में विपक्षी एकता की ताकत दिखने वाली है।

25 सितंबर को इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से एक बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में विपक्ष के कई नेताओं के शामिल होने की संभावना है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक एनसीपी प्रमुख शरद पवार, बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के नेता नीतीश कुमार, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और डीएमके की ओर एमके कनिमोझी समेत कई विपक्षी नेता शामिल होंगे। इसके अलावा कई नेताओं ने भी इस रैली में शामिल होने के लिए अपनी सहमति प्रदान की है।

इन नेताओं में राष्ट्रीय जनता दल के नेता बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, सीपीआईएम के सीताराम येचुरी और भाजपा के बीरेंद्र सिंह भी शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता और लोकसभा सदस्य हनुमान बेनीवाल भी इस रैली में शामिल होंगे। आईएनएलडी की और से इस रैली का आयोजन पूर्व उप प्रधानमंत्री और पार्टी के संस्थापक देवीलाल की जयंती पर आयोजित की जा रही है। इस रैली को 2024 चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता का मंच बताया जा रहा है। हरियाणा के फतेहाबाद से विपक्ष अपनी ताकत को दिखाने की कोशिश करेगा। जदयू नेता केसी त्यागी ने कहा है कि यह ऐतिहासिक रैली होगी जो लोक सभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ समान विचारधारा वाले दलों की एकजुटता प्रदर्शित करेगी।

इस रैली में शामिल होने के लिए ओम प्रकाश चौटाला की ओर से ममता बनर्जी, के चंद्रशेखर राव और चंद्रबाबू नायडू जैसे कई और नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है। हालांकि, इन नेताओं के शामिल होने की अब तक पुष्टि नहीं हो पाई है।