बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नीतीश कुमार के तरफ से अब यह तय कर दिया गया है कि, भ्रष्टाचार के मामलों की अब विजलेंस ब्यूरो निगरानी करेगा। इसको लेकर ऑडर जारी कर दिया गया है।
दरअसल, राज्य के विभिन्न जिलों में निगरानी थानों से अलग दर्ज भ्रष्टाचार के जो मामले होंगे उनकी मानीटरिंग अब विजिलेंस ब्यूरो करेगा।निगरानी विभाग ने इसे लेकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में दर्ज सभी मामलों की जिलावार सूची मांगी है।
निगरानी विभाग से जुड़े मामलों की समीक्षा को लेकर हुई बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इस संबंध में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के तहत दर्ज सभी मामलों का अनुश्रवण निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के स्तर पर करने के संबंध में मुख्य सचिव का आदेश प्राप्त कर सभी संबंधितों को सूचित करने की कार्यवाही की जाए।
वहीं, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो एवं स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) में दर्ज मामलों में जल्द से जल्द आरोपियों को सजा दिलाने पर जोर देने का भी निर्देश दिया गया है।
इसको लेकर अपर मुख्य सचिव ने इकाइयों की अभियोजन शाखा को सक्रिय करते हुए लगातार फालोअप करने के निर्देश दिए।
इधर, बैठक में भ्रष्टाचारियों की संपत्ति जब्त करने के लिए मामलों की सुनवाई एक निश्चित बेंच से कराने का प्रस्ताव आया। चौधरी ने पटना हाइकोर्ट के निबंधक से पत्राचार कर अनुरोध किए जाने का आश्वासन दिया।
उन्होंने विशेष लोक अभियोजकों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में बहस की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, उन मामलों में मार्च के अंत तक निर्णय प्राप्त करने की कोशिश होनी चाहिए।
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