कांग्रेस सांसद धीरज साहू के घर रेड में खत्म ही नहीं हो रहा नोटों का पहाड़; अब तक 318 करोड़ बरामद, गिनती जारी

आयकर विभाग ने कांग्रेस सांसद धीरज साहू ठिकानों से अब तक 318 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं. फिलहाल नोटों की गिनती जारी है और यह राशि अभी और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है. साहू के पास से रिकवर की गई राशि की गिनती आधी रात तक की जाएगी.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक नोटों की गिनती ओडिशा के बोलांगीर में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में हो रही है. इस बीच एसबीआई के अधिकारियों ने कहा, आधी रात तक सारा कैश गिना जाएगा.

नोटों से भरे 176 बैग मिले
इससे पहले आज एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक भगत बेहरा ने कहा कि उन्हें नोटों से भरे176 बैग मिले थे और उनमें से 140 की गिनती कर ली गई है. उन्होंने बताया कि 50 बैंक अधिकारी 25 मशीनों का उपयोग करके नकदी की गिनती कर रहे हैं.

6 दिसंबर को हुई थी छापेमारी की शुरुआत
इस बीच बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड, उसके प्रमोटरों और अन्य के खिलाफ मैराथन छापेमारी रविवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई. बता दें कि आयकर विभाग ने टैक्स चोरी के आरोप में 6 दिसंबर को कांग्रेस सांसद से जुड़ी कंपनियों के परिसरों में छापेमारी शुरू की थी.

देशी शराब बिक्री से आई राशि
पीटीआई के अनुसार आयकर विभाग का मानना है कि कांग्रेस नेता के पास ये रकम देशी शराब की नकद बिक्री से आई है. गौरतलब है कि यह आयकर विभाग के हाथ लगी सबसे बड़ी नकदी है. इससे पहले 2019 में कानपुर के एक व्यवसायी के पास  257 करोड़ की नकदी बरामद की गई थी.

रिपोर्ट के मुताबिक आयकर विभाग जल्द ही कंपनी के मुख्य प्रमोटरों को तलब करेगा और उनके बयान दर्ज करेगा. इस बीच धीरज साहू से जुड़े रांची और अन्य स्थानों परिसरों की भी तलाशी ली गई है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सांसद के घर से क्या बरामद हुआ.

शराब नीति मामले में AAP सांसद संजय सिंह की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट कल करेगा सुनवाई

कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी और उसके बाद रिमांड के खिलाफ वाली याचिका पर सोमवार (11 दिसंबर) को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर प्रकाशित वाद सूची के अनुसार, जस्टिस संजीव खन्ना और एस एनवी भट्टी की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया था नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर को नोटिस जारी कर केंद्र और ईडी से संजय सिंह की ओर से दायर याचिका पर जवाब देने को कहा था. सुप्रीम कोर्ट ने आप नेता को संबंधित क्षेत्राधिकार वाली अदालत के समक्ष नियमित जमानत याचिका दाखिल करने की छूट दी थी.

इस बीच, राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने शनिवार (9 दिसंबर) को आप सांसद संजय सिंह की तरफ से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी और अगला सत्र 12 दिसंबर के लिए निर्धारित किया.

संजय सिंह के खिलाफ ईडी का आरोप पत्र

इससे पहले, ईडी ने संजय सिंह के खिलाफ 60 पेज का पूरक आरोप पत्र दायर किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि वह साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग और आरोपियों की मदद करने में शामिल थे. केंद्रीय एजेंसी ने 4 अक्टूबर को नॉर्थ एवेन्यू इलाके में संजय सिंह के आवास पर तलाशी लेने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसौदिया के बाद यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी थी.

ईडी ने संजय सिंह की जमानत का किया था विरोध

वहीं शनिवार (9 दिसंबर) को ईडी ने संजय सिंह की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया था. ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट से कहा था, “संजय सिंह के खिलाफ जांच जारी है, इसलिए उन्हें हिरासत में रखा गया है. जमानत देने से जांच में बाधा आ सकती है, जिससे संभावित रूप से सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है और गवाहों को प्रभावित किया जा सकता है.”

दुबई में खेले जा रहे अंडर-19 एशिया कप में पाकिस्तान से हारा भारत

दुबई में खेले जा रहे अंडर-19 एशिया कप में भारतीय टीम को पाकिस्तान के हाथों बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है. भारत की यह युवा टीम पाकिस्तान से 8 विकेट से हारी है. यहां भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 259 रन बनाए. जवाब में पाकिस्तान की टीम ने महज दो विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया. यहां पाकिस्तान के लिए मोहम्मद जीशान ने धारदार गेंदबाजी की और अज़ान अवैस ने लाजवाब शतक जड़ा.

ग्रुप-ए के इस मुकाबले में पाकिस्तान के कप्तान साद बेग ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. भारतीय सलामी जोड़ी ने धीमी और सधी हुई शुरुआत दी. 9वें ओवर में 39 के कुल योग पर भारतीय टीम को पहला झटका लगा. अर्शिन कुलकर्णी (24) अमीर हसन ने पवेलियन भेज दिया. इसके ठीक बाद रूद्र पटेल (1) भी चलते बने. उन्हें मोहम्मद जीशान ने आउट किया.

यहां से आदर्श सिंह और कप्तान उदय शरण ने तीसरे विकेट के लिए 120 गेंद पर 93 रन की साझेदारी की. भारतीय टीम यहां अच्छी स्थिति में नजर आ रही थी. लेकिन आदर्श सिंह (62) के पवेलियन लौटते ही बैक टू बैक विकेट गिरने लगे. मुशीर खान (2), अरवेली अवनीश (11) सस्ते में आउट हुए.

भारत के तीन बल्लेबाजों ने जड़े अर्धशतक
इसके बाद कप्तान उदय शरण ने सचिन धास के साथ मिलकर 48 रन जोड़ते हुए टीम को 200 पार पहुंचाया. 206 के कुल योग पर उदय 60 रन बनाकर आउट हो गए. यहां से सचिन एक छोर पर खड़े रहे लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे. मुरुगन अभिषेक (4), राज लिंबानी (7) कुछ खास नहीं कर सके. आखिरी ओवर में सचिन (58) भी चलते बने. सौम्य पांडे (8) और नमन तिवारी (2) नाबाद रहे.

इस तरह भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 9 विकेट खोकर 259 रन का स्कोर खड़ा किया. पाकिस्तान के लिए तेज गेंदबाज मोहम्मद जीशान ने 10 ओवर में 46 रन देकर 4 विकेट झटके. अमीर हसन और उबेद शाह ने भी 2-2 विकेट निकाले. वहीं अराफात मिन्हास ने एक विकेट चटकाया.

कौन होगा मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री? के एलान से पहले शिवराज सिंह चौहान से मिले कैलाश विजयवर्गीय, अटकलों का बाजार गर्म

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के 7 दिनों के बाद बीजेपी अभी तक सीएम के नाम की घोषणा नहीं कर पाई है. सभी की जुबान पर बस एक ही सवाल है कि कौन बनेगा मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री. इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात की. इसे लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.

मध्य प्रदेश के साथ-साथ अभी राजस्थान में भी सीएम के नाम की घोषणा नहीं हो पाई है, जबकि रविवार को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के नाम का एलान कर दिया गया है. छत्तीसगढ़ का सीएम पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय को बनाया गया है. इधर मध्य प्रदेश में बंपर जीत दर्ज करने वाली बीजेपी की ओर से सीएम ने नाम पर विचार-विमर्श जारी है. माना जा रहा है एक दो दिन के भीतर इन दोनों राज्यों के सीएम के नाम की घोषणा कर दी जाएगी.

इधर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर फोकस करना शुरू कर दिया है. बीते दिनों छिंदवाड़ा में लोगों से मुलाकात करते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा ”हम शुरू कर रहे हैं मिशन मध्य प्रदेश का, मिशन-29, मिशन 29 का मतलब है, मध्य प्रदेश में लोकसभा की सीटें हैं 29. ये मेरी दृढ़ इच्छा है.

इसके लिए हम जी-जान से मेहनत करेंगे. जैसे विधानसभा के चुनाव में मैं कभी रात को 2 घंटे से ज्यादा नहीं सोया, मैंने 20-22 घंटे काम किया है. वैसे ही मैं चैन की सांस नहीं लूंगा.” उन्होंने लोगों से पूछा- ”आप बताओ फिर से मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाना है? तो 29 की 29 सीटें भारतीय जनता पार्टी को जिताना है.”

मध्य प्रदेश में कौन-कौन हैं सीएम की रेस में

मध्य प्रदेश में सीएम की रेस में सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ ही कई अन्य चेहरे हैं जो सीएम की रेस में शामिल हैं. इनमें प्रह्वाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीडी शर्मा, कैलाश विजयवर्गीय, नरेंद्र सिंह तोमर के नाम भी सामने आ रहे हैं. हालांकि यह पार्टी आलाकमान की ओर से तय किया जाएगा कि मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन बनेगा. इसका एलान अगले एक दो दिनों कर देने की संभावना है.

दिल्ली में होगी I.N.D.I.A. गठबंधन की अगली बैठक, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताई तारीख

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने घोषणा की कि I.N.D.I.A. गठबंधन की चौथी बैठक मंगलवार (19 दिसंबर) को होगी. छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद यह इंडिया गठबंधन की पहली बैठक होगी.

कांग्रेस नेता ने रविवार (10 दिसंबर) को पोस्ट किया, “जुड़ेगा भारत, जीतेगा इंडिया.” पार्टियों के बीच खींचतान के बीच विपक्षी एकता पर संकट के बादल. जयराम रमेश की यह पोस्ट ऐसे वक्त में आई है, जब गठबंधन में शामिल पार्टियों के बीच तनातनी जारी है और विपक्षी एकता पर संकट मंडरा रहा है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि विपक्षी इंडिया ब्लॉक की चौथी बैठक मंगलवार 19 दिसंबर 2023 को नई दिल्ली में दोपहर 3 बजे से होगी।

इससे पहले,बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सहित गठबंधन के शीर्ष नेताओं के निर्णय के बाद बैठक 17 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।

6 दिसंबर को कांग्रेस ने बुलाई बैठक

बता दें कि कांग्रेस ने 6 दिसंबर को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और राजस्थान के चुनाव नतीजे घोषित होने के दिन बैठक बुलाई थी। 3 दिसंबर के विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस पार्टी को राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हार का सामना करना पड़ा। अब कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में ही कांग्रेस की सरकार बनी हुई है। वहीं, क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन के रूप में बिहार और झारखंड में भी कांग्रेस की सत्ता है।

26वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक में शामिल हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

पटना, 10 दिसम्बर 2023:- केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में 26वीं पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की बैठक हुयी, जिसमें मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार शामिल हुये। बिहार के मुख्यमंत्री ने बैठक की मेजबानी की। लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मंत्री और वरीय अधिकारी बैठक में शामिल हुये।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि आज पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक पटना में आयोजित हो रही है। इस बैठक में मैं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी का अभिनंदन एवं स्वागत करता हूँ जो इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। इस बैठक में आये हुये अन्य तीनों राज्यों के प्रतिनिधिगण तथा अन्य लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ। उन्होंने कहा कि आप सब जानते हैं कि पहले बंगाल, उड़ीसा, बिहार एवं झारखण्ड एक ही राज्य था। वर्ष 1912 में बंगाल से अलग होकर ‘बिहार एवं उड़ीसा’ राज्य अस्तित्व में आये। वर्ष 1936 में बिहार से उड़ीसा अलग हो गया था और 23 वर्ष पूर्व वर्ष 2000 में बिहार से झारखण्ड अलग हो गया इसलिए इन चारों राज्यों की स्थिति लगभग एक जैसी है। जब से हम सरकार में हैं, पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की बैठकों में हमेशा जाते ही रहे हैं। हम 28 फरवरी, 2020 में उड़ीसा में आयोजित बैठक में भाग लिये थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की बैठक में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के बीच कई मुद्दों पर बात होनी है। हम चाहते थे कि केन्द्र सरकार जातीय आधार पर जनगणना कराये। इसके लिए हमलोग शुरू से ही प्रयासरत थे। इसके लिए वर्ष 2019 एवं 2020 में बिहार विधानमंडल में सर्वसम्मति से जाति आधारित जनगणना के लिए प्रस्ताव पारित कर केन्द्र सरकार को भेजा। फिर हम सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रधानमंत्री जी से मिले। केन्द्र सरकार द्वारा इस पर कोई विचार नहीं किया गया। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से जाति आधारित गणना करा ली है और इसके आंकड़ों को जारी किया गया, जिसके अनुसार बिहार की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है जिसमें 53 लाख 72 हजार 22 लोग बिहार के बाहर रह रहे हैं। 12 करोड़ 53 लाख 53 हजार राज्य में रह रहे हैं। जाति आधारित गणना में पिछड़ा वर्ग-27.12 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा-36.01 प्रतिशत, अनुसूचित जाति-19.65 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति-1.68 प्रतिशत, सामान्य वर्ग-15.52 प्रतिशत की आबादी पायी गयी है। इन आंकड़ों के आधार पर सभी पार्टियों की सहमति से जिसमें भाजपा भी शामिल है समाज के सभी कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए आरक्षण में इनकी भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आरक्षण की सीमा 50 से बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके लिए कानून पारित हो गया है। सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए पूर्व से ही 10 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध है। सभी को मिलाकर कुल आरक्षण 75 प्रतिशत हो गया है। हमारी सरकार ने केन्द्र सरकार से आरक्षण के नये कानून को संविधान की 9वीं अनुसूची में डालने के लिए अनुरोध किया है। आशा है केन्द्र सरकार इसे शीघ्र ही संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करेगी। जाति आधारित गणना में लोगों की आर्थिक स्थिति की जानकारी ली गयी है। सभी जातियों में गरीब परिवार मिले हैं, जिनमें 25.09 प्रतिशत सामान्य वर्ग के 33.16 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग के, 33.58 प्रतिशत अति पिछड़ा वर्ग के 42.93 प्रतिशत अनुसूचित जाति तथा 42.70 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोग गरीब हैं। सभी वर्गों में गरीब परिवारों की कुल संख्या 94 लाख है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को आगे बढ़ाने के लिए इसके एक सदस्य को रोजगार हेतु 2 लाख रूपये तक की सहायता की योजना बनायी गयी है। जिन परिवारों के पास आवास घर नहीं है उन्हें जमीन खरीदने की राशि को 60 हजार से 1 लाख रुपये कर दिया है। मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रूपये दिये जायेंगे। वर्ष 2018 से “सतत जीविकोपार्जन योजना’ के तहत अत्यंत निर्धन परिवार को रोजगार हेतु दी जा रही है। 1 लाख रूपये की सहायता राशि को बढ़ाकर 2 लाख रूपये कर दिया गया है। इन सब कार्यों में कुल मिलाकर 2 लाख 50 हजार करोड़ रूपये लगेंगे, जिसे अगले 5 सालों में पूरा कर लिया जायेगा। यदि केन्द्र सरकार द्वारा बिहार को’ ‘विशेष राज्य का दर्जा मिल जाय तो हम इस काम को बहुत कम समय में ही पूरा कर लेंगे। हम वर्ष 2010 से ही बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा की माँग कर रहे हैं। बिहार बहुत ही ऐतिहासिक राज्य है, लगातार विकास के बाद भी बिहार विकास के मापदंडों में राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे है। बिहार, विशेष राज्य के दर्जे की सभी शर्तों को पूरा करता है। अब तो जाति आधारित गणना में गरीबी एवं पिछड़ेपन के आँकड़े भी इसका समर्थन करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि बिहार को विशेष राज्य के दर्जा देने के बारे में आप जरूर सोचेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की 26वीं बैठक में पधारने के लिए आप सभी को हम धन्यवाद देते हैं। आशा करते हैं कि बैठक के दौरान जो निर्णय होंगे वे चारों राज्यों के विकास में सहायक होंगे। हमें पूरी उम्मीद है कि गृह मंत्री जी देश भर में जातीय आधारित जनगणना कराने एवं बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने के बारे में पहल जरूर करेंगे।

बैठक में बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी और जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, पश्चिम बंगाल की मंत्री श्रीमती चन्द्रमा भट्टाचार्य, उड़ीसा के मंत्री श्री प्रदीप कुमार आम्त, उड़ीसा के मंत्री श्री तुषार कान्ति बेहरा, झारखण्ड के मंत्री श्री रामेश्वर उरांव, झारखण्ड के मंत्री श्री चम्पई सोरेन, केन्द्र सरकार के सचिवगण, चारों राज्यों के मुख्य सचिव, बिहार के पुलिस महानिदेशक, पूर्वी क्षेत्रीय परिषद् की सचिव तथा केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारों के वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

पेंशन मानवाधिकार महारैली में पेंशन की हुंकार

 

पटना(10.12.2023) एन०एम०ओ०पी०एस० (पुरानी पेंशन बहाली हेतु प्रतिबद्ध राष्ट्रीय संगठन) की बिहार ईकाई द्वारा आज दिनांक 10 दिसंबर 2023 को एन०एम०ओ०पी०एस० के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजय कुमार बंधु के नेतृत्व में पटना में पुरानी पेंशन मानवाधिकार महारैली की गई।

जिसमें प्रदेश भर से हजारों सरकारी सेवकों ने भाग लिया। इस रैली में रेलवे के लोगों के साथ पूरे राज्य के सभी सेवा संघों के सदस्य मौजूद थे और सभी ने एक सुर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग राज्य सरकार से की। मौके पर बोलते हुए श्री विजय कुमार बंधु ने बताया कि एन०एम०ओ०पी०एस० के संघर्ष के कारण ही आज देश भर के 06 (छः) राज्यों में पुरानी पेंशन बहाली लागू की जा चुकी है और वह दिन दूर नहीं जब हम अपने संघर्ष से पूरे देश भर में पुरानी पेंशन बहाली लागू करवा लेंगे। उनके द्वारा इस बात पर संतोष व्यक्त किया गया की शुरुआती दौर में पुरानी पेंशन बहाली की मांग पर मजाक उड़ाने वाले लोग आज पुरानी पेंशन के मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बन चुके हैं और शीघ्र ही देश भर के सरकारी सेवकों को इसका लाभ मिलेगा।

एन०एम०ओ०पी०एस० के प्रदेश अध्यक्ष वरुण पांडेय द्वारा केंद्र एवं राज्य के सभी संघो के सरकारी सेवकों को रैली में शामिल होने के लिए आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि जब तक पुरानी पेंशन पा नहीं लेंगे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे।प्रदेश महासचिव शशि भूषण कुमार द्वारा बताया गया कि इस रैली में सरकारी सेवकों की संख्या देखकर यह तय हो गया है की शीघ्र ही सरकार को हमारी मांग के सामने झुकना पड़ेगा।

प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव तिवारी द्वारा सभी सरकारी सेवकों से यह आह्वान किया गया कि जब तक पुरानी पेंशन बहाल न हो जाती है तब तक इसी प्रकार एकजुटता कायम रखनी है।प्रदेश मुख्य प्रवक्ता संतोष कुमार ने रैली में शिरकत करने आए सभी सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम को लोक कलाकार नेहा सिंह राठौर द्वारा भी संबोधित किया गया। रैली को मुख्य रूप से नंद किशोर ओझा, प्रेमचंद सिन्हा, कमल उसरी, शंकर पटेल, मनीष मिश्रा, अमृतेश कुमार, नवीन कुमार, झुन्नु कुमार, प्रेम कुमार, शशिकांत शशि, धर्मवीर चौधरी, शुभम कुमार, गौरव कुमार, सुमित कुमार, राहुल चौधरी, आनंद किशोर, सुनील कुमार इत्यादि द्वारा संबोधित किया गया। मंच संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव तिवारी एवं प्रदेश मुख्य प्रवक्ता संतोष कुमार द्वारा किया गया। रैली में हजारों एनपीएस कर्मियों के द्वारा भाग लिया गया।

‘सेरेब्रल पाल्सी’ के ऊपर कार्यशला का आयोजन हुआ

चिल्ड्रेन रिहैब्लिटेशन ट्रस्ट के द्वारा डॉ. प्रशांत भूषण ने रविवार को राजधानी पटना के कंकड़बाग में ‘सेरेब्रल पाल्सी’ के ऊपर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में कांग्रेस के प्रवक्ता सुमन कुमार मल्लिक तथा मुख्य अतिथि के रूप में मुंबई के जाने-माने सीनियर भौतिक चिकित्सक डॉ. ध्रुव मेहता, आईजीआईएमएस के भौतिक चिकित्सक डॉ. विनय पांडे, डॉ. यू.एस प्रसाद, डॉ. अविनाश कुमार भारती उपस्थित थे।

कार्यशाला में मुंबई के जाने-माने सीनियर भौतिक चिकित्सक डॉ. ध्रुव मेहता ने अपना बहुमूल्य समय देकर बिहार के भौतिक चिकित्सा के क्षेत्र में काम कर रहें चिकित्सकों का मार्गदर्शन किया। डॉ. मेहता ने कार्यशाला में शामिल लोगों को सेरेब्रल पाल्सी से ग्रस्त बच्चों के उपचार की नईं तकनीक को सिखाया। इस दौरान डॉ. ध्रुव मेहता ने बताया कि आज के समय में जन्म से या जन्म के बाद बहुत से बीमारी होती हैं, जिसको समय से जांच कर बहुत हद तक ठीक किया जा सकता हैं इसलिए हमें ‘सेरेब्रल पाल्सी’ से घबराने की ज्यादा जरुरत नहीं हैं।

इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता सुमन कुमार मल्लिक ने कहा की सेरेब्रल पाल्सी की समस्‍या बहुत ही गंभीर हैं परंतु फिजियोथैरेपी के उचित हस्तक्षेप के द्वारा इससे ग्रसित मरीज़ों के जीवन में बहुत ही ज्यादा सुधार लाया जा सकता है। श्री मल्लिक ने कहा की सेरेब्रल पाल्सी वाले बच्चों और वयस्कों की सहायता में फिजियोथेरेपिस्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उन्हें यथासंभव मदद करते हुए उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा की राजनीतिक मुद्दे से अलग हटकर इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होना उन्हें बहुत अच्छा लगता हैं।

मौके पर आईजीआईएमएस के भौतिक चिकित्सक डॉ. विनय पांडे, डॉ. अविनाश चौधरी, डॉ.जोशनी पांडे, डॉ. रुनझुन अग्रवाल एवं डॉ. सुनील ने भी इस विषय पर अपना बहुमुल्य सुझाब दिया। आयोजक डॉ. प्रशांत भूषण ने कहा की इस तरह के कार्यशाला का आयोजन करना समाज के हित में है ताकि हम बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर सके । इस कार्यशाला में बिहार एवं झारखंड राज्य से 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। पटना आर्टिफिशियल लिंब एवम रिहैब सेंटर ने भी अपनी उपस्थिति को दर्ज कराया। इस दौरान कार्यशाला में आए हुए सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागी प्रमाण पत्र दिया गया। मंच का संचालन डॉ. अविनाश चौधरी ने किया और डॉ. सुजीत कुमार ने कार्यक्रम का सफल आयोजन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दिखने में हैं फिल्म हिरोईन जैसी सुंदर, UPSC में चार बार फेल होने के बाद भी पांचवी बार में बनी अफसर

आज हम आपको एक ऐसी लड़की की कहानी सुनाने जा रहे हैं, जिसने आईएएस अफसर बनने का ना सिर्फ सपना देखा बल्कि उसको सच भी कर दिखाया। हांलाकि अफसर बनना उसके लिए आसाना नहीं थे। हम जिस लड़की के बारे में बात कर रहे है। वह यूपीएससी 2018 बैच की आईआरएस अफसर है और उसका नाम पूजा राणावत है। पूजा के खूबसूरती के भी चर्चे होते हैं। वह किसी फिल्मी अभिनेत्री से कम नहीं है।

जानकारी देते हुए पूजा कहती हैं कि मैं मूल रूप से पुणे के गोडवाड़ के दुजाना गांव की रहने वाली हूं। मेरी आरम्भिक पढ़ाई गांव से ही शुरू हुई है।पूजा कहती हैं की मैं पॉलिटिकल साइंस की स्टूडेंट रही हूं। मैंने इस विषय में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। यूपीएससी की तैयारी करने का विचार कैसे आया इस सवाल जवाब देते हुए पूजा ने कहा कि कॉलेज के साथ—साथ मैंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। मैंने पहली बार साल 2013 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी।

पूजा कहती है किस्मत ने मुझे चार बार धोखा दिया। शुरूआती चार प्रयास में असफलता मेरे हाथ लगी। मैं प्रीलिम्स भी नहीं पास कर पाई थी। पूजा कहती हैं की पांचवी बार मैंने जमकर मेहनत की। इस बार किसमत ने मेरा साथ दिया। मैंने इस बार सफलता का परचम लहराया थ। में यूपीएससी परीक्षा में 258 रैंक मिले। मेरा चयन आईआरएस कैडर के लिए हुआ।

पूजा कहती हैं की यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा क्रैक करने के बाद मेरा चयन बतौत असिस्टेंट कमिश्नर इनकम टैक्स में हुआ। यूपीएससी की तैयारी कर रहे लड़कों को टिप्स देते हुए पूजा कहती है की सिविल परीक्षा पास करने के लिए नोट्स बनाने की आदत सब से बेस्ट है।

खबर वही जो है सही

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