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‘उपेंद्र कुशवाहा के सामने अभी बच्चा हैं पवन सिंह’- काराकाट में त्रिकोणीय मुकाबले पर बोले, एनडीए नेता

BySumit ZaaDav

अप्रैल 11, 2024

रोहतास: बिहार का काराकाट लोकसभा क्षेत्र 2009 में अस्तित्व में आया है. पहले यह बिक्रमगंज लोकसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था. नये परिसिमन में रोहतास जिला का नोखा, डेहरी व काराकाट तथा औरंगाबाद जिला का गोह, ओबरा व नवीनगर विधानसभा क्षेत्र शामिल किया गया. यहां आखिरी फेज में एक जून को मतदान होना है. लेकिन, इनदिनों अचानक से यह लोकसभा सीट सुर्खियों में है. 10 अप्रैल को भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने यहां से चुनाव लड़ने की घोषणा की जिसके बाद से यह हॉट सीट बन गयी।

पवन ने त्रिकोणीय बना दिया मुकाबलाः काराकाट लोकसभा सीट कुशवाहा बाहुल सीट माना जाता है. तीनों बार यहां से एनडीए से कुशवाहा जाति के उम्मीदवार ने ही जीत दर्ज की है. अब तक महागठबंधन को यहां से एकबार भी जीत नहीं मिली है. इस बार एनडीए और महागठबंधन दोनों ने कुशवाहा जाति के नेता को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. एनडीए की ओर से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा मैदान में हैं, वहीं महागठबंधन की ओर से सीपीआईएमएल के राजा राम सिंह मैदान में. इन दोनों के बीच राजपूत जाति के पवन सिंह ने त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया।

बैक टू पवेलियन होंगे पवन सिंहः स्थानीय विनोद सिंह कहते है नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है. वह इस इलाके में काफी लोकप्रिय हैं. वह जन जन के नेता हैं. लोगों के सुख दुःख में हमेशा साथ रहते हैं. पवन सिंह के मैदान में आने से उपेंद्र कुशवाहा को कोई रत्ती भर भी फर्क नही पड़ेगा. हां इतना जरूर है कि लड़ाई कांटे की होगी. फिर भी पवन सिंह उपेंद्र कुशवाहा के आगे टिक नही पाएंगे. उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी. बैक टू पवेलियन होंगे।

पवन सिंह को मैनेज कर लेंगे शीर्ष नेताः भाजपा नेता अरुण कुमार कहते हैं कि पवन सिंह के मैदान में आने से यह चुनाव काफी दिलचस्प हो गया है. भाजपा के शीर्ष नेता मैनेज करने में जुटे हैं. उन्हें मैनेज कर लिया जाएगा. ऐसा नहीं होता है और पवन सिंह चुनावी मैदान में आते हैं तो काराकाट की जनता उन्हें नकार देगी. अरुण कुमार कहते हैं कि पब्लिक है सब जानती है. नाचने गाने वाले क्या जाने राजनीति और विकास की बातें. बता दें कि पवन सिंह भाजपा से जुड़े हैं. उन्हें भाजपा ने आसनसोल से अपना उम्मीदवार भी बनाया था. बाद में पवन सिंह ने बिहार से ही चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करते हुए बंगाल से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।

पवन सिंह को सीखने की जरूरतः जदयू के प्रखंड अध्यक्ष विकास कुमार सिंह कहते हैं कि 2024 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ा जा रहा है. काराकाट संसदीय क्षेत्र से पवन सिंह के मैदान में उतरने से उपेंद्र कुशवाहा को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. क्योंकि हमारे नेता काफी परिपक्व हैं. वही चारो सदनों का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. पवन सिंह पावर स्टार कहे जाते हैं लेकिन वह अभी हमारे नेता उपेंद्र कुशवाहा के सामने बच्चे हैं. अभी उन्हें सीखने की जरूरत है. राजनीति में मंजा हुआ खिलाड़ी ही दांव खेल जाता है और कच्चा खिलाड़ी चित हो जाता है।

युवाओं में पवन सिंह का क्रेज: गौरतलब है कि भोजपुरी स्टार पवन सिंह के काराकाट से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. काराकाट लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में इंडिया गठबंधन से माले के प्रत्याशी राजाराम सिंह उम्मीदवार हैं. एनडीए उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा की सीधी टक्कर राजाराम सिंह से मानी जा रही थी. लेकिन पावर स्टार पवन सिंह के काराकाट से चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद यह लड़ाई अब त्रिकोणीय होती दिख रही है. पवन सिंह को लेकर युवाओं में खासा क्रेज है।

 


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