जदयू कार्यालय में नीरज कुमार ने पोस्टर लगाकर कहा कि सच छुपेगा कब तक, लोकतंत्र की आड़ में कंपनी राज स्वीकार नहीं. कहां गया जनसुराज दिख रहा है सिर्फ धन का राज, जन सुराज के नाम पर सभी कंपनी खेल है. नीरज कुमार यहीं नहीं रूके उन्होंने इसके बाद भी जमकर निशाना साधा है.
जन सुराज के गठन पर उठाए सवाल: आगे जदयू मुख्य प्रवक्ता ने अपने पोस्टर में लिखा है कि ”किसका पैसा किसका मेल, गांधी के नाम पर धोखा बिहार नहीं देगा ये मौका, राजनीति नहीं धंधा है सुराज का फर्जी फंडा है, जन स्वराज या निजी स्वार्थ, जन स्वराज पार्टी का खजाना कौन भर रहा है. कहां गया जन स्वराज दिख रहा है सिर्फ धन का राज.” जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जन सुराज के प्रशांत किशोर यह दावा करते हैं 2 अक्टूबर 2024 को पार्टी का गठन किया है लेकिन गठन पहले हो गया था.
पार्टी की फंडिंग को लेकर किया खुलासा: वहीं आगे नीरज कुमार ने कहा कि जिस कोषाध्यक्ष का प्रशांत किशोर ने दावा-आपत्ति में नाम दिया संगठन के ढांचे में कहीं दिखाई नहीं पड़ रहा है. नीरज कुमार ने कहा कि जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन जो एक चैरिटेबल ट्रस्ट है उसके माध्यम से जन सुराज पार्टी की फंडिंग हो रही है, तो वो जानना चाहते हैं कि कौन-कौन सी कंपनी फंडिंग कर रही है. चैरिटेबल ट्रस्ट जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाऊंडेशन जो चैरिटेबल ट्रस्ट है तो उससे राजनीतिक कार्यक्रम कैसे चला रहे हैं. उन्होंने ने प्रशांत किशोर को अल्टीमेटम देते हुए कहा यदि 9 फरवरी तक फंडिंग करने वाली कंपनियों का खुलासा नहीं करेंगे तो वो कंपनियों का भी खुलासा कर देंगे.
“आप तंबू गाड़े हुए हैं इवेंट मैनेजमेंट के नाम पर 38 करोड़ राशि दिखा रहे हैं. बैलेंस शीट में तो कौन-कौन सी कंपनियां से आपने पैसा लिया है और क्यों लिया है इसका खुलासा करिए. क्योंकि आपके पार्टी के नेता ने कहा है कि पार्टी का अकाउंट नहीं खुला है. यह पूरी तरह से राजनीति को कॉर्पोरेट की तरफ ले जाने की कोशिश है और टैक्स चोरी का मामला है. 9 फरवरी तक फंडिंग करने वाली कंपनियों का खुलासा नहीं करेंगे तो हम कंपनियों का भी खुलासा करेंगे.”-नीरज कुमार, मुख्य प्रवक्ता, जदयू