पर्यटन मंत्री ने स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम में होटल संचालक और टूर ऑपरेटर्स के लिए आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए ये बातें कही।
समारोह में पर्यटन सचिव, सीइओ लोहिया स्वच्छ बिहार योजना, यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।
बिहार के पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता और सुविधा देना सरकार की प्राथमिकता में है। यदि हम कहीं स्वयं भ्रमण के लिए जाते हैं तो हम जिन बातों को सबसे पहले ध्यान देते हैं, वह वहां मिलने वाली सुविधाएं और स्वच्छता की स्थिति है। बिहार में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, आने वाले दिनों में बुनियादी सुविधाएं और भी बढ़ेंगी और इसका व्यापक रूप में प्रचार-प्रसार भी होगा। जिससे देश भर में लोग यदि पर्यटन का कार्यक्रम बनाएं तो बिहार को भी उसमें अवश्य शामिल करें।

पर्यटन मंत्री नीतीश मिश्रा ने होटल मौर्या में स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम को लेकर होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स के लिए आयोजित राज्यस्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए राज्य के होटल संचालकों और टूर ऑपरेटर्स को भी हाथ बढ़ाना होगा। मसलन आपको अपने संस्थान में बेहतर कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और आतिथ्य भाव का समावेश करना होगा जिससे पर्यटक आपके यहां आकर बेहतर अनुभव लेकर जाएं।
पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि बिहार पर्यटन की वेबसाइट पर ऐसे होटलों को जोड़ा जाएगा जिनकी स्टार और ग्रीन लीफ रेटिंग अच्छी होगी ताकि देश भर के पर्यटक सीधे वेबसाइट से बुकिंग कर सकें। उन्होंने होटलों के संचालकगण और टूर ऑपरेटर्स को कहा कि स्वच्छता से परिपूर्ण सुविधाओं का स्वयं एसेसमेंट करें और अपने जिला पदाधिकारी से बेहतर से बेहतर ग्रीन लीफ रेटिंग प्राप्त करें। इससे आपके व्यवसाय को ही लाभ होगा।

वहीं सीइओ, लोहिया स्वच्छ बिहार योजना हिमांशु शर्मा ने अपने संबोधन में सभी को इस स्टार रेटिंग की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें यह रेटिंग प्राप्त करने हेतु प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में यूनिसेफ के डॉ प्रभाकर सिन्हा ने इस रेटिंग के बारे में प्रजेंटेशन के जरिए विशेष जानकारी प्रदान की।
समारोह में मेरा प्रखंड मेरा गौरव प्रतियोगिता के दरभंगा प्रमंडल के कुल 20 विजेताओं को माननीय मंत्री ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण पर्यटन निदेशक विनय कुमार राय और धन्यवाद ज्ञापन उप सचिव इंदु कुमारी ने किया।

क्या है स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम (SGLR)?
स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग सिस्टम (SGLR) पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (DDWS), जल शक्ति मंत्रालय एवं पर्यटन मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से नवंबर 2023 में लागू किया गया है। इसका उद्देश्य राज्य के आतिथ्य सुविधाओं को सुरक्षित स्वच्छता सुविधा के अनुपालन हेतु विकसित किया जाना है। SGLR, नीति आयोग के मिशन LIFE के तहत पर्यटन मंत्रालय की “ट्रैवल फॉर लाइफ” प्रतिबद्धता के साथ भी संरेखित है. जो आतिथ्य क्षेत्र में उच्च स्तर की स्वच्छता एवं सफाई स्थापित करते हुए स्थायी एवं जिम्मेदार पर्यटन में भी अपना योगदान सुनिश्चित करती है।
स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग (SGLR) के निम्नलिखित उद्देश्य हैं:
- उन्नत स्वच्छता सुविधाओं एवं मलयुक्त कीचड प्रबंधन (Faecal Sludge Management) के कार्यों मे सुधार।
- ठोस अपशिष्ट का बेहतर पृथक्करण (Segregation) एवं नियमित प्रबंधन।
- ठोस अपशिष्ट मुक्त सुविधाओं की स्थापना।
- जल प्रबंधन हेतु 3Rs (Reduce, Reuse, Recharge) प्रक्रिया का क्रियान्वयन।
- सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग पर रोक के साथ प्लास्टिक अपशिष्ट का पृथक्करण एवं प्लास्टिक अपशिष्ट को जलाये जाने पर निषेध।

स्वच्छता ग्रीन लीफ रेटिंग (आतिथ्य सुविधाओं) की मुख्य विशेषताएं:
- स्वैच्छिक भागीदारीः सभी पर्यटन सुविधाओं, जैसे होटल, होम-स्टे, धर्मशाला, शिविर आदि को इसमें भागीदारी हेतु प्रोत्साहित करना।
- व्यापक मूल्यांकनः सुरक्षित स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण एवं जिम्मेदार कार्यों के अनुपालन के आधार पर सुविधाओं का मूल्यांकन सुनिश्चित करना।
- सुगम भागीदारी: अभिविन्यास, स्व-घोषणा और सत्यापन चरणों के माध्यम से सुगम भागीदारी की सुविधा सुनिश्चित करना।
- जिला स्तरीय समर्थनः जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा मार्गदर्शन एवं सत्यापन की सुविधा सुनिश्चित करना।
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