मोटेरा स्‍टेडियम का नरेंद्र मोदी किए जाने पर शिवसेना बोली- अब साफ हो गया कि कौन सरदार पटेल का अपमान कर रहा

महाराष्‍ट्र में सरकार संभाल रही शिवसेना अपने पार्टी के मुख पत्र में लगातार केंद्र सरकार पर हमले कर रही है। शुक्रवार को शिवसेना ने सामना में अहमदाबाद में बने देश के सबसे बड़े क्रिकेट स्‍टेडियम का नाम बदल कर नरेंद्र मोदी किए जाने को सरदार पटेल का अपमान बताया है।

केंद्र और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए शिवसेना के मुखपत्र सामना में ‘Garaj Saro, Patel Maro’, ‘शीर्षक वाले संपादकीय में लिखा कि पीएम ने हमेशा कहा कि सरदार पटेल की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण कांग्रेस के रूप में किया गया था, लेकिन अब यह स्पष्ट है कि कौन सरदार पटेल का अपमान करने की कोशिश कर रहा है।

मोदी एक फकीर हैं, अपने सामान के साथ जंगल या हिमालय जाएंगे

शिवसेना ने ये भी लिखा कि “यह स्पष्ट है कि कौन पटेल के नाम को मिटाने की कोशिश कर रहा है। शिवसेना ने आगे तंज कसते हुए लिखा मोदी महान हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन अगर मोदी भक्त सोचते हैं कि वह पटेल, गांधी, नेहरू या इंदिरा गांधी से बड़े हैं तो यह अंध भक्ति के अलावा कुछ नहीं है। आगे लिखा कि ‘मोदी एक फकीर हैं, अपने सामान के साथ जंगल या हिमालय जाएंगे’। आगे कहा मोदी इस देश के पीएम हैं, इस युग के बहुत लोकप्रिय नेता हैं और उनकी पार्टी को लोगों द्वारा भारी बहुमत दिया गया है लेकिन यह लापरवाह होने का लाइसेंस नहीं है।आगे दावा किया कि पटेल का महत्वपूर्ण स्थान समाप्त हो गया है, कल नेताजी बोस समाप्त हो जाएंगे।

किसान आंदोलन को लेकर केंद्र पर कसा तंज

शिवसेना ने किसानों के विरोध को सरदार पटेल से जोड़ा और लिखा किसानों के विरोध पर केंद्र पर हमला करते हुए, शिवसेना ने इसे पटेल के साथ जोड़ते हुए कहा, “पटेल यह बताने के लिए पहले कांग्रेस अध्यक्ष थे कि वह एक किसान हैं। आज देश में किसानों के बारे में क्या? चार महीने बाद भी किसानों का आंदोलन जारी है, लेकिन केंद्र ने कुछ नहीं किया है।

मोटोरा स्‍ट‍ेडियम का नाम नरेंद्र मोदी किया गया

बता दें अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े किक्रेट स्‍टेडियम का राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा बुधवार को उद्घाटन किया जिसे अहमदाबाद में ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ के रूप में जाना जाएगा। जिसके बाद सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेताओं और अन्य कई पार्टियों द्वारा टिप्पणियों की बाढ़ आ गई थी।

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