पहली बार पत्नी के साथ अपने गांव जा रहे हैं तेजस्वी यादव, स्वागत के लिए गांव में चल रही है खास तैयारी, तारीख भी तय

तेजस्वी यादव की शादी को दस माह के करीब का समय गुजर चुका है। इन दस महीनों में उनके लिए काफी बेहतर रहे। बिहार में सत्ता में वापसी हुई। वह फिर से बिहार के डिप्टी सीएम बन गए। पिता लालू प्रसाद भी पटना आ गए। अब शादी के बाद तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) पत्नी Rajshree के साथ शादी के बाद पहली बार अपने गांव फुलवरिया जाने की तैयारी में है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि आगामी 24 सितंबर को तेजस्वी और राजश्री फुलवरिया पहुंचेंगे। यहां वह दो दिन रहेंगे।

स्वागत की तैयारी शुरू

तेजस्वी यादव वैसे कई बार अपने गांव गए हैं। लेकिन इस बार वह पहली बार पत्नी को लेकर जानेवाले हैं, ऐसे में गांव की बहू के स्वागत में कोई कमी न हो, इसकी खास तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि कोई मकान का रंग-रोगन करने में लगा है तो कोई सड़कों की मरम्मति करा रहा है. हर तरफ तैयारी चल रही है. फुलवरिया गांव का दुल्हन की तरह सजाया-संवारा जा रहा है।

कई मंदिरों में पत्नी के साथ पूजा करेंगे तेजस्वी

तेजस्वी यादव दो दिवसीय दौर पर गांव पहुंच रहे हैं. यहां लालू प्रसाद के द्वारा स्थापित किये गये पंच मंदिर और थावे दुर्गा मंदिर में पत्नी राजश्री के साथ विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। लालू प्रसाद के स्वस्थ्य होने की कामना के लिए विशेष पूजा-अर्चना होगी. साथ ही परिजनों और गांव के बुजुर्गों से आशीर्वाद लेंगे।

लोगों की समस्या को भी सुनेंगे 

25 सितंबर को फुलवरिया प्रखंड कार्यालय का निरीक्षण कर लोगों की समस्याएं सुनेंगे। वहीं डिप्टी सीएम के पहुंचने की सूचना पर गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉ नवल किशोर चौधरी ने पुलिस कप्तान आनंद कुमार के साथ सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए।

रेफरल अस्पताल को सुधारा जा रहा

Lalu Yadav ने अपने गांव में फुलवरिया रेफरल अस्पताल बनवाया था उसकी व्यवस्था दुरूस्त की जा रही है है. इसके साथ ही फुलवरिया गांव के तोरणद्वार और लालू प्रसाद जिस चबूतर पर बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते थे, उसका भी सौंदर्यीकरण का काम प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है। गांव के सड़कों को भी दुरूस्त किया जा रहा है।

हेलीकॉप्टर से आएंगे तेजस्वी व राजश्री

मुख्यमंत्री रहते हुए लालू प्रसाद जब भी अपने गांव फुलवरिया गए, हेलीकॉप्टर से ही गए। लिहाजा फुलवरिया गांव में पहले से ही स्थायी रूप से हेलीपैड बनाया गया है।