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जीभ का रंग बताती आपकी सेहत से जुडी कई राज, इन तरीकों से पहचाने कौन सी बीमारी है आपके अंदर

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अगर किसी व्यक्ति को बुखार या इंफेक्शन हो तो उसकी जीभ का रंग लाल हो जाता है. शरीर में विटामिन बी-12 की कमी की वजह से भी जीभ का रंग बदलकर लाल हो जाता है डॉक्टर जीभ पर इस संकेत को देखकर बीमारी के बारे में समझ जाते हैं और उसी के हिसाब से ट्रीटमेंट शुरू करते हैं। जीभ के अलग-अलग रंगों के आधार पर आपका हेल्थ स्टेटस-

ब्लैक हेयरी टंग – आपकी जीभ इस तरह की तब हो जाती है, जब फिलीफॉर्म पैपिला लंबी और बदरंग हो जाती है। यह कोई गंभीर स्थिति का संकेत नहीं होता और खराब ओरल हाइजीन, धूम्रपान, अत्यधिक कॉफी या चाय का सेवन या एंटीबायोटिक के उपयोग के कारण हो सकता है।

नीली या बैंगनी जीभ – जीभ का नीला या बैंगनी रंग का खून में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है, जो रेस्पिरेटरी या हार्ट संबंधी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। कुछ मामलों में, यह सायनोसिस का संकेत भी हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति हैं, जहां खून में ऑक्सीजन का स्तर कम होता है।

पीली जीभ – जीभ का पीला होना खराब ओरल हाइजीन, धूम्रपान या कुछ फूड आइटम्स के अत्यधिक सेवन से जुड़ा हो सकता है। कुछ मामलों में, यह लिवर या गॉल ब्लैडर की समस्याओं जैसे हेपेटाइटिस या सिरोसिस का संकेत भी दे सकता है।

लाल जीभ – लाल या स्ट्रॉबेरी जैसी जीभ विटामिन की कमी, विशेष रूप से बी विटामिन या कावासाकी डिजीज का संकेत भी दे सकती है, जो ब्लड वेसल्स को प्रभावित करती है और बच्चों में ज्यादा आम है।

जीभ पर सफेद परत – जीभ पर सफेद परत का होना ओरल हाइजीन संबंधी समस्याओं का संकेत हो सकता है, जैसे कि बैक्टीरिया का बढ़ना या ओरल थ्रश जैसे फंगल संक्रमण आदि। इसके अलावा यह डिहाइड्रेशन या जलन का भी संकेत दे सकता है।

पेल टंग – पेल टंग एनीमिया या कम आयरन के स्तर की वजह से हो सकती है, जो ब्लड ऑक्सीजनेशन को प्रभावित करती है। यह खराब सर्कुलेशन या अपर्याप्त पोषक तत्व अब्जॉर्प्शन का संकेत भी दे सकता है।


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